
देहरादून, 28 अक्टूबर . केदारनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारियों का अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी है. Wednesday को कर्मचारियों ने बाबा केदारनाथ मंदिर के सामने रैली निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई.
कर्मचारियों का कहना है कि 20 से 25 वर्षों से अल्प वेतन पर सेवा देने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. कर्मचारियों ने Chief Minister की वन टाइम सेटलमेंट की घोषणा को लागू करने और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग उठाई.
केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड के बीच मंदिर समिति के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. कई दिनों से जारी प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने Wednesday को केदारनाथ मंदिर के सामने रैली निकालकर अपनी मांगें दोहराईं. कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से भगवान की सेवा में जुटे हैं लेकिन उन्हें अब तक उचित वेतन और नियमितीकरण का लाभ नहीं मिल पाया है.
कर्मचारी आशुतोष शुक्ला ने कहा कि Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2024 में कर्मचारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट की घोषणा की थी लेकिन दो वर्ष बीतने के बावजूद इस पर अमल नहीं हुआ. कर्मचारियों ने बोर्ड को पहले ही नोटिस दिया था लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्हें बाबा केदारनाथ के सामने याचना करने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने Chief Minister और मंदिर समिति के अध्यक्ष से जल्द मांगें पूरी करने की अपील की. इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू करने की मांग उठाई.
वहीं, केदारनाथ धाम के वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चन्द्र पोस्ती ने भी कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्षों से धाम में भगवान की सेवा और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. कई कर्मचारी आठ से बारह घंटे के बजाय 20 घंटे तक काम करते हैं लेकिन उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है.
उन्होंने शासन-प्रशासन से वन टाइम सेटलमेंट की मांग पर जल्द निर्णय लेने और समान कार्य-समान वेतन का सिद्धांत लागू करने की अपील की. पूरा तीर्थ पुरोहित समाज कर्मचारियों के साथ खड़ा है और उनकी मांगों का जल्द समाधान होना चाहिए ताकि धाम की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलती रहें.
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डीके/पीएम
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