
Patna, 1 सितंबर . आरक्षण को लेकर चल रही Political बयानबाजी के बीच बिहार Government के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा है कि आरक्षण खत्म किए जाने को लेकर फिलहाल संसद के किसी भी सदन में कोई चर्चा नहीं हुई है. इस मुद्दे पर हो रही बहस को ‘बिन मौसम बरसात’ बताते हुए मंत्री ने कहा कि भाजपा और Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व वाली Government में आरक्षण को समाप्त करने का सवाल ही नहीं है.
लखेंद्र पासवान ने से बातचीत में कहा कि जब भी आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर वास्तविक चर्चा होती है तो वह Lok Sabha या राज्यसभा में होती है. संसद में अभी ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है और केवल Political स्तर पर इस विषय को लेकर बयानबाजी हो रही है. वर्तमान व्यवस्था में विभिन्न वर्गों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है.
जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर हुई बयानबाजी और एक-दूसरे के इस्तीफे की मांग पर लखेंद्र पासवान ने कहा कि वह न तो चिराग पासवान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और न ही जीतन राम मांझी के इस्तीफे की. उन्होंने दोनों नेताओं को एनडीए का बड़ा नेता और केंद्र Government में मंत्री बताते हुए कहा कि इस्तीफे की मांग करने वाले अपनी बात रखते रहें, लेकिन वह इस विवाद में नहीं पड़ना चाहते. हालांकि, उन्होंने आरक्षण और दलित समाज के मुद्दे पर नेताओं से आत्ममंथन करने की अपील की.
लखेंद्र पासवान ने जीतन राम मांझी के उस दावे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि अनुसूचित जाति समाज की 18 जातियां अभी भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाई हैं. उन्होंने कहा कि यदि यह चिंता वास्तविक है तो बड़े दलित नेताओं को अपने परिवार से बाहर निकलकर वंचित समुदायों के युवाओं को Political अवसर देना चाहिए. चाहे वह खुद हों, चिराग पासवान हों या जीतन राम मांझी, सभी को परिवारवाद से बाहर निकलकर समाज के उन लोगों को आगे लाने की जरूरत है जो आज भी Political रूप से पीछे हैं. इसके लिए नेताओं को व्यक्तिगत और पारिवारिक Political हितों से ऊपर उठकर त्याग करना होगा.
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज First Information Report को लेकर भी लखेंद्र पासवान ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से दलित नेताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया. उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे बड़ा दलित नेता, विद्वान, अर्थशास्त्री और बैरिस्टर कौन हो सकता है. देश के प्रथम कानून मंत्री रहे आंबेडकर को कांग्रेस के दौर में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा कि उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कांग्रेस के भीतर दलित नेतृत्व का अपमान किया जाता है. संविधान ने नागरिकों को सम्मान और कानूनी अधिकार दिए हैं और यदि किसी के स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है तो कानून का सहारा लेना उसका अधिकार है.
India की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ को लेकर राहुल गांधी द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर भी लखेंद्र पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश की आर्थिक प्रगति दिखाई नहीं देती. दुनिया इस समय कई तरह के संकटों से गुजर रही है और कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव है. उन्होंने नेपाल की परिस्थितियों और दुनिया में जारी युद्धों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे वैश्विक माहौल में India की अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने इसके लिए देश की जनता की मेहनत और Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व को श्रेय दिया. उनका कहना था कि चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद India की आर्थिक मजबूती यह दिखाती है कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है.
लखेंद्र पासवान ने कहा कि Government की नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और मौजूदा विकास दर देशवासियों के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने जीडीपी ग्रोथ के लिए देश की जनता को बधाई देते हुए Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना की.
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