
New Delhi, 5 अक्टूबर . Supreme Court कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र Government ने Gujarat हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को Supreme Court का न्यायाधीश बनाने की मंजूरी दे दी है.
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि President ने India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से विचार-विमर्श के बाद तीनों मुख्य न्यायाधीशों को Supreme Court का जज नियुक्त किया है.
ये नियुक्तियां Supreme Court कॉलेजियम की ओर से तीनों मुख्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत में पदोन्नत करने की सिफारिश के कुछ दिनों बाद हुई हैं.
Supreme Court कॉलेजियम ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा था, “28 सितंबर 2026 को हुई बैठक में Supreme Court कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को Supreme Court के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है.”
कॉलेजियम ने Gujarat हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश की थी, जिनका मूल हाईकोर्ट इलाहाबाद है. इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के नाम की सिफारिश की गई थी, उनका मूल हाईकोर्ट भी इलाहाबाद है. वहीं, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का मूल हाईकोर्ट Jharkhand है.
जस्टिस सुनीता अग्रवाल का जन्म 30 अप्रैल 1966 को हुआ था. उन्हें 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. इसके बाद वह 23 जुलाई 2023 को Gujarat हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनीं.
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय का जन्म 16 जून 1965 को हुआ था. उन्हें 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 6 अगस्त 2013 को वह स्थायी न्यायाधीश बने. वह 28 मार्च 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की Lucknow बेंच के वरिष्ठ न्यायाधीश बने.
इसके बाद जस्टिस उपाध्याय को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और उन्होंने 29 जुलाई 2023 को शपथ ली. बाद में उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में किया गया, जहां उन्होंने 21 जनवरी 2025 को पद की शपथ ली.
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का जन्म 7 जुलाई 1965 को हुआ था. उन्हें 24 जनवरी 2012 को Jharkhand हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 16 जनवरी 2014 को वह स्थायी न्यायाधीश बने थे.
वह 20 दिसंबर 2022 से 19 फरवरी 2023 तक Jharkhand हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे. इसके बाद उन्होंने 17 अप्रैल 2023 को त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. बाद में उनका तबादला तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में किया गया, जहां उन्होंने 19 जुलाई 2025 को शपथ ली.
तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति से Supreme Court में जजों की संख्या और बढ़ेगी. केंद्र Government ने इस साल की शुरुआत में Supreme Court में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाकर India के मुख्य न्यायाधीश के अलावा 37 कर दी थी.
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एएमटी/
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