कुणाल घोष पर 18 घंटे में दूसरा हमला; अभिषेक बनर्जी ने की निंदा, राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील

कोलकाता, 27 सितंबर . पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हिंसा का मुद्दा गरमा गया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने Sunday भाजपा पर सीधा हमला बोला और Governor से तत्काल दखल देने की अपील की है.

अभिषेक बनर्जी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “मैं बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं. 18 घंटे से भी कम समय में उन पर यह दूसरा हमला है.”

टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि विधायक को पाला बदलने से इनकार करने की सजा दी जा रही है. उन्होंने लिखा, “हथियारबंद गुंडों ने एक चुने हुए प्रतिनिधि को निशाना बनाया और परेशान किया क्योंकि कथित तौर पर उन्होंने पाला बदलने से इनकार कर दिया था. अगर एक चुने हुए प्रतिनिधि की सुरक्षा का यह हाल है, तो कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि पूरे पश्चिम बंगाल में आम नागरिकों के साथ क्या हो रहा होगा.”

कुणाल घोष पर यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में Political दलबदल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं. तृणमूल का आरोप है कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों और डराने-धमकाने की रणनीति से उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है.

अभिषेक बनर्जी ने इस मामले में Governor आर. एन. रवि से तुरंत दखल देने की अपील करते हुए लिखा, “Governor मामले में तुरंत दखल दें और पश्चिम बंगाल Police के डीजीपी और कोलकाता के Police कमिश्नर से बात करें. हर दोषी की पहचान कर उसे सजा मिलनी चाहिए और हिंसा व डराने-धमकाने का यह सिलसिला बंद होना चाहिए.” उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि राज्य में कानून का राज बना रहे.

उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए लिखा, “भाजपा को एक साधारण सवाल का जवाब भी देना चाहिए. अगर उसे लगता है कि उसने लोगों के जनादेश से पश्चिम बंगाल जीता है, तो फिर पाला बदलने से इनकार करने वालों के खिलाफ डराने-धमकाने और ऐसी तरकीबों का सहारा क्यों लिया जा रहा है?”

उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता शांति, सुरक्षा और कानून का राज चाहती है. अभिषेक ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, “लोकतंत्र में Political हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, चाहे इसके पीछे कोई भी हो.”

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एससीएच/पीएम