कीव में जेलेंस्की की विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात, कहा- ‘यूक्रेन ‘अन्यायपूर्ण युद्ध’ खत्म करने की भारत की इच्छा के लिए आभारी’

कीव, 3 सितंबर . India के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने Thursday को कीव में यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की. उन्होंने न केवल भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के तरीकों, बल्कि क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर भी बातचीत की.

यूक्रेनी President से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “आज President जेलेंस्की से मिलकर खुशी हुई. उन्हें विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर हुई चर्चा से अवगत कराया. हमारी बातचीत का केंद्र चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर रहा.”

यूक्रेन के President ने भी एक्स पर लिखा, “India के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ बैठक की. हमने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. हम इस अन्यायपूर्ण युद्ध, यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध, को समाप्त करने की India की इच्छा के लिए आभारी हैं. यह निश्चित रूप से युद्ध का समय नहीं होना चाहिए. शांति की आवश्यकता है. यह India की स्पष्ट स्थिति है.”

उन्होंने आगे कहा, “आज, जब मंत्री कीव में हमारे साथ थे, रूस ने एक बार फिर जेट-संचालित ‘शाहेद’ ड्रोन लॉन्च किए, जो ईरान की सहायता के बिना नहीं बने थे. हमारे लड़ाकू विमानों की बदौलत प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा, क्योंकि ऐसे अधिकांश ड्रोन को यूक्रेनी लड़ाकू विमान ही मार गिराते हैं. हमें उम्मीद है कि दुनिया के अन्य मजबूत देश भी स्पष्ट रुख अपनाएंगे कि इस युद्ध को समाप्त करने और एक विश्वसनीय शांति की आवश्यकता है.”

जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ अपनी चर्चा के बाद आपसे बात करके बहुत खुशी हो रही है. महत्वपूर्ण बात यह है कि यह 2022 से चल रहे युद्ध के व्यापक संदर्भ में हो रही है. इस यात्रा से पहले भी, विदेश मंत्री सिबिहा और मैं नियमित संपर्क में रहे हैं. हाल के अवसरों में जब हम मिले थे, वे मई में साइप्रस में थे, मार्च में फ्रांस में, इस साल फरवरी में म्यूनिख में और पिछले साल कनाडा और New Delhi में.”

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि हम सभी जानते हैं कि President जेलेंस्की और Prime Minister मोदी भी विभिन्न अवसरों पर मिलते रहे हैं और नवीनतम मुलाकात इस साल जून में फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई थी और मुझे इनमें से अधिकांश बैठकों में भाग लेने का सौभाग्य मिला है.

एबीएम