किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी सरकार, सूखा प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगी पूरी मदद : एकनाथ शिंदे

सतारा, 18 सितंबर . Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने Friday को गणेशोत्सव के मौके पर सतारा जिले में अपने पैतृक गांव ‘दारे’ का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने राज्य में बारिश की स्थिति का जायजा लिया और बारिश न होने की वजह से फसल के भारी नुकसान का सामना कर रहे किसानों को भरोसा दिलाया.

उन्होंने कहा कि Government किसान समुदाय को अकेला नहीं छोड़ेगी और सूखे जैसे हालात वाले इलाकों में पूरी मदद देगी.

उनका यह बयान नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सीनियर नेता शरद पवार की उस मांग के बाद आया है जिसमें उन्होंने राज्य Government से सूखा घोषित करने और तुरंत राहत मदद बांटने को कहा था.

उपChief Minister शिंदे ने माना कि विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में सूखे के कारण खड़ी फसलें जल गई हैं. असल नुकसान के आधार पर मदद बांटने के लिए फसल के नुकसान का आकलन अभी चल रहा है.

उन्होंने संकट की समीक्षा के लिए उस्मानाबाद (धाराशिव) के प्रभारी मंत्री प्रताप सरनाईक, सांसद ओमराजे निंबालकर और जिला कलेक्टर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. जिले के प्रभारी मंत्री प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और उन्होंने पुष्टि की कि वे जल्द ही सूखे से प्रभावित इलाकों का खुद दौरा करेंगे ताकि किसानों से सीधे बात कर सकें.

विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए उपChief Minister शिंदे ने कहा कि महायुति Government Political बयानबाजी में उलझने के बजाय अपने काम को बोलने देने में यकीन रखती है.

दारे में अपने खेत में ‘विश्व बांस दिवस’ मनाते हुए जहां उन्होंने ब्लूबेरी जैसी बाहर से मंगाई गई फसलों के साथ-साथ कपूर और हींग की खेती का सफल प्रयोग किया है, शिंदे ने इथेनॉल, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजमर्रा के कमर्शियल सामान बनाने में बांस के कई तरह के इस्तेमाल पर जोर दिया.

उन्होंने त्योहारों के मौसम में पर्यावरण संरक्षण की कोशिशों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बांस की खेती करने का आग्रह किया.उपChief Minister शिंदे ने अपने गृहनगर, दिल्ली या लंदन के दौरों पर लगातार आलोचना करने वाले Political विरोधियों पर भी तीखा तंज कसा.

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “जब भी मैं अपने गांव जाता हूं तो Political विरोधियों के पेट में दर्द होने लगता है. अब मुझे उनके अपच को ठीक करने के लिए कोई औषधीय पौधा ढूंढना होगा या जमालगोटा (पेट साफ करने वाली पारंपरिक दवा) देनी होगी. मैं काम करने वाला इंसान हूं और आलोचना का जवाब अपने काम से दूंगा, बातों से नहीं.”

इससे पहले, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस को एक विस्तृत पत्र लिखकर मानसून की अनियमित बारिश के कारण राज्य में खेती के गंभीर संकट की ओर ध्यान दिलाया था और नौ अहम मुद्दों पर तुरंत दखल देने की मांग की थी.

पवार का यह पत्र Chief Minister द्वारा ‘मराठवाड़ा मुक्ति दिवस’ के मौके पर मराठवाड़ा को सूखा-मुक्त बनाने का संकल्प लेने के कुछ ही समय बाद आया है. जमीनी हकीकत की ओर इशारा करते हुए पवार ने (जिन्होंने Friday को ‘एक्स’ पर यह पत्र अपलोड किया) इस बात पर जोर दिया कि कम बारिश ने मराठवाड़ा और राज्य के अन्य हिस्सों में फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे किसान गहरे संकट में हैं.

अपने पत्र में पवार ने खड़ी फसलों, पीने के पानी की कमी और पशुओं के लिए चारे की कमी को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं.

पवार ने कहा, “इस साल राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश न होने के कारण किसान समुदाय भारी संकट का सामना कर रहा है. सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, अरहर (तुअर), मूंग और उड़द जैसी खड़ी फसलें सूख गई हैं और ऊपर से कीटों का हमला भी बढ़ गया है. नतीजतन, खेती, पीने के पानी और चारे की आपूर्ति की स्थिति और खराब होने वाली है.”

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