
New Delhi, 8 नवंबर . दीपावली का त्योहार पर Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने इस बार किसानों के बीच पहुंचकर त्योहार की खुशियां साझा कीं.
उन्होंने नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दीपावली मनाई और स्थानीय किसान परिवार अरुणाबाई बालपांडे और रामभाऊ बालपांडे के घर पर रात बिताई.
Prime Minister Narendra Modi ने सीएम फडणवीस के इस कदम की सराहना करते हुए इसे बेहद भावुक कर देने वाला बताया है.
पीएम मोदी ने Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के ‘एक्स’ पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा कि Maharashtra के Chief Minister का नागपुर जिले के नरखेड़ स्थित लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दीपावली मनाना और अरुणाबाई तथा रामभाऊ बालपांडे के घर पर रुकना दिल को छू लेने वाला कदम है. यह दिखाता है कि Maharashtra में एनडीए Government किसानों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है.
बता दें कि Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा था कि किसानों की आंखों से आंसू पोंछना ही उनके लिए दीपावली का असली अर्थ है. उन्होंने बताया कि उन्हें नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव में अपने किसान भाइयों के साथ दीपावली मनाने का अवसर मिला. यह गांव ऐतिहासिक हेमाडपंथी शिव मंदिर की विरासत और कन्हान नदी की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है.
सीएम फडणवीस ने बताया कि सूखे से जूझ रहे किसानों की परेशानियां, उनके परिवारों की चिंता और भविष्य को लेकर उनकी आशंकाएं सुनकर उनका मन भावुक हो गया. इस दौरान बालपांडे परिवार ने जिस अपनत्व, प्रेम और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, उसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया.
Chief Minister ने कहा कि पूरे देश में दीपावली उत्साह के साथ मनाई जा रही है, लेकिन राज्य के किसान इस समय कई तरह की परेशानियों से घिरे हैं. प्राकृतिक आपदा के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं. आर्थिक तंगी के साथ-साथ किसानों को अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य की भी चिंता सता रही है.
Chief Minister ने बताया कि जब उन्होंने लोहारी सावंगा के किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं तो उनके चेहरों पर धीरे-धीरे तनाव कम होता दिखाई दिया. किसानों ने उनसे कहा कि साहब, आप इतनी दूर हमारे गांव आए और हमारे सुख-दुख में शामिल हुए, इससे ही हमारा आधा दर्द कम हो गया. किसानों की यह बात उनके दिल को छू गई.
सीएम फडणवीस ने कहा कि Maharashtra के हर किसान की फसल उनके लिए केवल एक कृषि उत्पाद नहीं है, बल्कि उसमें पूरे परिवार की सालभर की मेहनत, त्याग और सपने जुड़े होते हैं. हर फसल परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद होती है. ऐसे में जब प्रकृति की मार से फसल बर्बाद होती है तो किसान के परिवार का भविष्य भी संकट में पड़ जाता है.
Chief Minister ने बताया कि उन्होंने किसानों के साथ रबी की फसलों को नुकसान से बचाने के उपायों पर चर्चा की. सूखे की स्थिति को देखते हुए जहां भी संभव होगा, वहां बोरवेल खोदने की अनुमति दी जाएगी.
उन्होंने यह भी बताया कि काटोल और नरखेड़ क्षेत्र में संतरे के साथ-साथ मौसंबी का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात से जुड़ी नई चुनौतियों के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस समस्या को देखते हुए नागपुर के ‘मिहान’ प्रोजेक्ट के तहत संतरे और मौसंबी के प्रसंस्करण के लिए एक बड़ी परियोजना स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है. सीएम फडणवीस ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी सावधानियां बरती जाएंगी.
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास केवल मंत्रालय में बैठकें करने, फैसले लेने, योजनाएं बनाने या आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है. वे किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं समझना, उनका दर्द बांटना और उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना चाहते हैं.
इस मौके पर Maharashtra के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक डॉ. आशीष देशमुख और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे.
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एएस
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