
सोल, 25 अक्टूबर . किम जोंग उन ने चीन के साथ उत्तर कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है. उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने Sunday को इसकी जानकारी दी. किम ने Saturday को चीन के सीमावर्ती शहर डांडोंग का औचक दौरा किया, जहां उन्होंने चीन के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप ने खबर रिपोर्ट की. इसके मुताबिक, किम के साथ सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी और Government के कई वरिष्ठ अधिकारी भी चीन पहुंचे. इनमें विदेश मंत्री चो सोन हुई, किम की बहन किम यो जोंग, और पार्टी के वरिष्ठ नेता जो योंग वोन शामिल थे. चीन के विदेश मंत्री वांग यी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे.
यह किम की सितंबर 2025 के बाद चीन की पहली ज्ञात यात्रा है. तब वह द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने बीजिंग पहुंचे थे और चीन के President शी जिनपिंग से मुलाकात की थी. वर्ष 2011 में सत्ता संभालने के बाद यह उनकी चीन की छठी यात्रा है.
दौरे के दौरान किम ने 1950 से 1953 के कोरियाई युद्ध में लड़ने वाले चीनी सैनिकों के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. चीन कोरियाई युद्ध में अपनी भागीदारी की 76वीं वर्षगांठ मना रहा है.
केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा कि उत्तर कोरिया उन चीनी नागरिकों के योगदान को हमेशा याद रखेगा, जिन्होंने अपने खून की कीमत पर उत्तर कोरियाई क्रांति की मदद की थी. उन्होंने दोनों देशों के बीच खून से बने ऐतिहासिक संबंधों और दोस्ती को लगातार आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई.
किम ने चीन के President शी जिनपिंग के निर्देश पर वांग हुनिंग की ओर से आयोजित भोज में भी हिस्सा लिया. इसके अलावा उन्होंने डांडोंग में एक बस कारखाने का दौरा किया. वांग हुनिंग ने किम को शी जिनपिंग की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की पारंपरिक दोस्ती और आपसी सहयोग को बनाए रखने तथा विकसित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है.
अपनी एक दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद किम नए अमनोक नदी पुल से उत्तर कोरिया लौट गए. इसे नया यालू नदी पुल भी कहा जाता है. यह पुल उत्तर कोरिया के सीमावर्ती शहर सिनुइजू को चीन के दांडोंग से जोड़ता है. इसका निर्माण वर्ष 2014 में पूरा हो गया था, लेकिन कई वर्षों तक इसके चालू होने में देरी हुई. इसी महीने पुल को खोला गया है.
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केआर/
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