‘कालिंदी कुंज घाट का पानी पीकर दिखाएं भाजपा नेता’, सौरभ भारद्वाज ने दी चुनौती

New Delhi, 29 अक्टूबर . छठ महापर्व नजदीक आते ही दिल्ली में यमुना के पानी की स्वच्छता को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है. BJP MP मनोज तिवारी का यमुना में डुबकी लगाने का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है.

‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली Government के मंत्री प्रवेश वर्मा को चुनौती दी है कि वे कालिंदी कुंज घाट पर यमुना का पानी पीकर दिखाएं. उन्होंने दावा किया कि पिछले साल भी चुनौती देने पर भाजपा नेता पीछे हट गए थे और इस बार भी ऐसा ही होगा.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ महापर्व से पहले भाजपा पिछले साल की तरह ही यमुना के पानी को साफ बताने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नदी की वास्तविक स्थिति को छिपाकर लोगों के सामने स्वच्छ यमुना की तस्वीर पेश करना चाहते हैं. उनके मुताबिक, यमुना के पानी की गुणवत्ता को लेकर किए जा रहे दावों की हकीकत घाटों पर जाकर देखी जा सकती है.

भारद्वाज ने कहा कि पल्ला से वजीराबाद तक यमुना का करीब 26 किलोमीटर का हिस्सा हमेशा से अपेक्षाकृत साफ रहा है. उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की Government के कार्यकाल में इस हिस्से के पानी की गुणवत्ता और बेहतर थी. उन्होंने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को यमुना के प्रदूषण के स्रोतों और नदी की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं है.

भारद्वाज के मुताबिक, दिल्ली में प्रवेश करने के बाद यमुना में पहला बड़ा नाला वजीराबाद के पास सिग्नेचर ब्रिज के नजदीक गिरता है. उन्होंने नजफगढ़ ड्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे करीब 862 एमजीडी पानी यमुना में पहुंचता है, जिससे नदी प्रदूषित होती है. उनका कहना था कि दिल्ली में प्रवेश करने के बाद शुरुआती 26 किलोमीटर के हिस्से में प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत कम रहता है, जबकि नालों का पानी मिलने के बाद स्थिति बिगड़ती है.

‘आप’ प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले साल छठ महापर्व के दौरान भी Haryana की भाजपा Government से हथिनीकुंड बैराज के जरिए यमुना में अतिरिक्त साफ पानी छोड़ने को कहा गया था. उन्होंने दावा किया कि इस बार भी ऐसा ही किया गया है, जिससे नदी में प्रदूषण का प्रभाव कुछ कम दिखाई दे सकता है. उनके मुताबिक, इसके बाद भाजपा नेता यमुना की सफाई को लेकर अपनी उपलब्धियों का प्रचार शुरू कर देते हैं.

भारद्वाज ने पिछले साल की घटना का उल्लेख करते हुए भाजपा पर बिसलेरी के पानी से यमुना का कृत्रिम दृश्य तैयार करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि उस समय कथित तौर पर नकली यमुना तैयार करने की कोशिश की गई थी और मामला सामने आने के बाद भाजपा की योजना पर सवाल उठे थे. हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं.

इस बीच, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यमुना घाट का दौरा कर नदी के पानी की स्थिति पर सवाल उठाए. पार्टी कार्यकर्ताओं का दावा है कि मौके पर यमुना का पानी काला दिखाई दिया और उसमें प्रदूषण मौजूद था.

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP MP मनोज तिवारी घाट पर सफाई अभियान के दौरान डुबकी लगाने के बाद पानी पीने का दावा कर रहे हैं, जबकि नदी की वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है. ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने कहा कि छठ महापर्व के दौरान पूर्वांचल के लाखों लोगों की आस्था यमुना और सूर्य उपासना से जुड़ी होती है. ऐसे में नदी की स्वच्छता को लेकर केवल प्रचार करने के बजाय प्रदूषण की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाना चाहिए.

उन्होंने मनोज तिवारी को चुनौती दी कि वे उस स्थान पर जाकर डुबकी लगाएं, जहां नाले का पानी यमुना में गिरता है. पार्टी ने यह भी मांग की कि मनोज तिवारी वहां पानी पीकर दिखाएं और अपनी कार्रवाई को सभी social media प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारित करें, ताकि जनता खुद नदी की स्थिति देख सके.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता ने मनोज तिवारी को सांसद चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है, इसलिए उन्हें यमुना की वास्तविक स्थिति के बारे में लोगों को सही जानकारी देनी चाहिए. उन्होंने भाजपा पर छठ महापर्व से पहले Political लाभ लेने के लिए नदी की सफाई को लेकर दिखावा करने का आरोप लगाया.

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पीकेटी/एएसएच