
Kanpur, 28 सितंबर . Kanpur के चर्चित दवा व्यापारी विनीत मीनोचा हत्याकांड में शालू मीनोचा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उनकी न्यायिक अभिरक्षा समाप्त करते हुए 50 हजार रुपए के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने कहा कि शालू मीनोचा के खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने को लेकर कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला है. इसे देखते हुए अदालत ने उनकी रिहाई के निर्देश दिए.
अदालत ने कहा कि अगर शालू किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए. हालांकि, उन्हें निर्देश दिया गया है कि जब भी कोर्ट या मामले के विवेचक की ओर से बुलाया जाएगा, उन्हें उपस्थित होना होगा.
यह मामला Kanpur के दवा व्यापारी विनीत मीनोचा की हत्या से जुड़ा है. इससे पहले Police ने जांच के बाद दावा किया था कि विनीत हत्याकांड की साजिश उनकी बहू शालू ने नहीं, बल्कि उनके बेटे सुब्रत मीनोचा ने रची थी.
Police के मुताबिक, 5 सितंबर को विनीत मीनोचा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर की भूमिका सामने आई थी. घटना के बाद कथित हमलावरों की तस्वीरें पड़ोस में लगे cctv कैमरे में कैद हुई थीं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विनीत के शरीर पर चाकू के 17 घाव मिलने की बात सामने आई थी.
मामले की जांच के दौरान Police ने शालू, विशाल और राजकिशोर से पूछताछ की थी. Police के मुताबिक, पूछताछ और जांच में सुब्रत का नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था.
Police ने दावा किया था कि सुब्रत को डर था कि उसके पिता दूसरी शादी कर सकते हैं. इसके अलावा वह पिता के कथित निजी जीवन को लेकर भी नाराज था. Police ने इन्हीं कारणों को हत्या की साजिश के पीछे की वजह बताया था.
जांच में Police ने यह भी दावा किया था कि सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपए का कर्ज था. Police के अनुसार, उसने अपने पिता की हत्या के लिए छह लाख रुपए की सुपारी तय की थी और आरोपियों को दो लाख रुपए एडवांस दिए थे.
अब कोर्ट के ताजा आदेश से शालू मीनोचा को राहत मिली है. अदालत ने हत्या की साजिश में उनकी भूमिका को लेकर स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर न्यायिक अभिरक्षा खत्म करते हुए रिहाई का आदेश दिया है.
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एएमटी/डीकेपी
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