
Lucknow, 2 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Kanpur में बीएसएफ हेड constable मिनिस्ट्रियल (बीएसएफ एचसीएम) भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा हुआ है. तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई और 18 सितंबर को पुनर्निर्धारित की गई है.
गाजीपुर जिले के रहने वाले आलोक यादव ने से बात करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान बार-बार सर्वर डाउन हो रहा था. इसके अतिरिक्त, 1 घंटा 40 मिनट की परीक्षा में कम से कम 5 बार इनविजिलेटरों ने परीक्षार्थियों को परेशान किया. इसका वीडियो भी अभ्यर्थियों के पास मौजूद है. इन सबके बाबजूद छात्रों को नोटिस नहीं दिया जा रहा है कि यह परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी या नहीं. इसी को लेकर हमलोग प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि, कुछ देर के प्रदर्शन के बाद ये लोग आनन-फानन में हमलोग के सामने एक झूठा नोटिस लेकर आते हैं, जिसके बारे में नहीं बताया जा सकता है कि यह सही है या गलत.
उन्होंने बताया कि इस भर्ती परीक्षा का पेपर पिछले 2 वर्षों से अटका हुआ था. आए दिन हम अपने फोन में ऐसा नोटिस देखते रहते हैं. 2 वर्ष पहले इसका फिजिकल हुआ था और बार-बार मोबाइल में इसके पेपर होने का नोटिस आ रहा था. अंततः दो वर्ष बाद पेपर के आयोजन का पता चला और बहुत ही मुश्किलों से हम लोग बारिश में केंद्र तक पहुंचे, जिसके बाद यह स्थिति रही.
आलोक यादव ने कहा कि इस व्यवस्था को लेकर हम लोग मानसिक रूप से कितने परेशान हैं, यह सिस्टम को नजर नहीं आता. अगर हम गलती से इनके खिलाफ कुछ कर दें, तो ये लोग हमारे खिलाफ First Information Report दर्ज कर देते हैं, लेकिन परीक्षा के दौरान इनकी तरफ से जो कमी और गलती रही है, उस पर क्या एक्शन होगा? छात्रों ने बिना किसी परेशानी के परीक्षा के दोबारा आयोजन की मांग की है.
एक अन्य उम्मीदवार प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि वह देवरिया जिले से आए हैं और उनका पेपर तीसरे शिफ्ट में था. हमारी Government से यही मांग है कि परीक्षा दोबारा पारदर्शी तरीके से कराई जाए और ऑफिशियल तारीख की घोषणा की जाए. इसी के साथ ऐसे इंस्टीट्यूट का लाइसेंस रद्द किया जाए, जहां इस प्रकार की व्यवस्था है.
इटावा से आए एक अन्य छात्र दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्रों का केंद्र पर रिपोर्ट करने का समय सुबह 7.30 बजे तय किया गया था, लेकिन स्टाफ खुद 7.30 बजे आए, जिसकी वजह से उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन परीक्षा शुरू होने तक चला है. सुबह 9 बजे से पहली शिफ्ट का पेपर था और तब तक उम्मीदवारों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया ही चली है. इसके अलावा, कई कैंडिडेट्स के साथ ऐसा हुआ है कि उन्हें जो कंप्यूटर अलॉट हुआ, वह चल नहीं रहा था. अभ्यर्थियों को बार-बार एक से दूसरी सीट पर भेजा जा रहा था.
उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान लगभग एक घंटे तक कंप्यूटर चला. इसके बाद लगभग सभी का बंद हो गया. उन्होंने Government से मांग की है कि इस पेपर को दोबारा सही तरीके से कराया जाए और परीक्षा की तारीख की आधिकारिक घोषणा की जाए. जब तक री-एग्जाम की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, हम यहां से कहीं नहीं जाएंगे.
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डीके
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