
Mumbai , 28 सितंबर . चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को ‘वोट चोरी’ बताकर घेर रही कांग्रेस पर शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने पलटवार किया. उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक को नौटंकी करार देते हुए सवाल उठाया कि बिहार के 67 लाख में से सिर्फ 33 हजार लोगों ने ही क्लेम क्यों किया और पश्चिम बंगाल से निकाले गए 40 लाख अवैध बांग्लादेशी वोटर क्या कांग्रेस के वोट बैंक थे?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा, “India में Supreme Court की निगरानी में मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया चलाई जा रही है. यह एक वैधानिक प्रक्रिया है. इसके माध्यम से देश के सभी राज्यों की मतदाता सूचियों में मौजूद फर्जी वोटरों के नाम हटाने का अभियान चल रहा है. जो इस देश के नागरिक नहीं हैं, जो वोटर अब मौजूद नहीं हैं, जो वोटर मर चुके हैं, जो एक राज्य या एक शहर से दूसरे शहर या दूसरे राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं और जिन वोटरों के नाम कई-कई मतदाता सूचियों में दर्ज हो गए हैं, ऐसे सभी वोटरों के नाम निकालने का काम किया जा रहा है.”
उन्होंने कहा कि अब इस अभियान को कांग्रेस पार्टी ने ‘वोट चोरी’ का नाम दे दिया है. इसी तथाकथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई है. मैं कांग्रेस वर्किंग कमेटी से पूछना चाहूंगा कि चाहे बिहार हो, पश्चिम बंगाल हो या कोई और राज्य, जब वहां मतदाता सूचियों से लाखों वोट निकाले गए तो उनमें बड़े पैमाने पर ऐसे वोट थे जो मर चुके लोगों के थे, जो जिंदा ही नहीं हैं.
शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि क्या मरे हुए वोटर आपके थे और क्या उन वोटों की चोरी हो गई? कांग्रेस को यह बताना चाहिए. पश्चिम बंगाल में लगभग 40 लाख वोटर ऐसे थे जो अवैध बांग्लादेशी थे, उनके नाम एसआईआर के तहत निकाले गए हैं तो क्या वो बांग्लादेशी घुसपैठिए आपके वोटर थे? क्या वोट की चोरी हो गई, इसलिए आप रो रहे हैं? क्या उन बांग्लादेशी घुसपैठियों की बदौलत आप Government बनाना चाहते हैं और चुनाव जीतना चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि बिहार में 67 लाख वोटर निकाल दिए गए हैं. एसआईआर को लेकर Government और चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि अगर आपको लगता है कि आप असली वोटर हैं और आपका नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से निकाल दिया गया है, तो आपके पास क्लेम करने और अपील करने का पूरा मौका है. 67 लाख में से सिर्फ 33,000 वोटरों ने ही क्लेम किया है. अगर कांग्रेस पार्टी या आरजेडी यह कहती है कि एसआईआर के माध्यम से चुनाव आयोग ने या भाजपा ने या एनडीए ने उनके वोट चोरी कर लिए हैं तो उनके वोटर निकलकर सामने क्यों नहीं आए? इसका मतलब वो फर्जी वोटर थे, मतलब वो आपके वोटर नहीं थे, मतलब वो वोटर जिंदा नहीं थे, मतलब वो वोटर रिपीट हुए थे या मतलब वो वोटर कहीं और शिफ्ट हो गए थे तो एसआईआर के माध्यम से जो एक पवित्र काम हो रहा है.
भाजपा के राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने कहा, “कांग्रेस के लोगों को क्या हो गया है? समझना मुश्किल है. क्या उन्हें किसी चीज पर भरोसा है? उन्हें ईवीएम पर भरोसा नहीं है. उन्हें India के कानूनों पर भरोसा नहीं है. उन्हें कोर्ट पर भरोसा नहीं है. उन्हें ईडी पर भरोसा नहीं है. उन्हें सीबीआई पर भरोसा नहीं है और अब, वे उस इंडिपेंडेंट एजेंसी को भी टारगेट करने और घेरने का काम कर रहे हैं जिसका India Government से कोई लेना-देना नहीं है, इलेक्शन कमीशन. कभी-कभी वे वोट चोरी के आरोप लगाते हैं. अब वे एक सम्मानित व्यक्ति, India के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का आरोप लगा रहे हैं.”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “हमारा विरोध इलेक्शन कमीशन के खिलाफ है फिर भी Government ने जवाब दिया. हमने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए, लेकिन Government जवाब लेकर आई. इसका मतलब है कि मिलीभगत का खेल खेला जा रहा है. लोकतंत्र को लूटा जा रहा है. यह एक निर्णायक लड़ाई है और इसे आखिर तक लड़ा जाएगा.”
Maharashtra के युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज मोरे ने कहा, “ज्ञानेश कुमार देशद्रोही और गद्दार हैं. उन्होंने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रखा, वोटिंग सिस्टम में धांधली की, फॉर्म-6 में बदलाव किया, ताकि मौजूदा Government को इसका फायदा हो. वोट चोरी करके आई हुई Government जो Maharashtra और देश में है, उनमें देश की युवाओं के प्रति संवेदनशीलता या गंभीरता नहीं है. उन्हें भरोसा है कि अगर हम वोट चोरी करके Government बना सकते हैं तो इन मुद्दों को नजरअंदाज भी करेंगे तो चलेगा.”
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पद की शपथ लेने से पहले देश का दौरा किया, प्रचार-प्रसार किया और वादा किया कि वो हर साल दो करोड़ नई नौकरियां इस देश में उपलब्ध कराएंगे, लेकिन आज देश में 50 लाख 25 हजार से भी ज्यादा पद खाली हैं. करोड़ों युवा डिग्री होने के बावजूद भी बेरोजगार हैं. Government को युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं है. जब तक ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक हम Mumbai और पुणे समेत Maharashtra के हर जिले में आंदोलन करते रहेंगे.
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) पर वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रेसिडेंट प्रकाश अंबेडकर ने कहा, “यह स्पेशल इंटेंसिव ड्राइव, यह जो रिविजन किया गया है, पार्लियामेंट ने रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 के सेक्शन 21 और 23 के तहत इलेक्शन कमीशन को एक चुनाव क्षेत्र और एक चुनाव क्षेत्र के हिस्से के बारे में पावर दी है. अब Supreme Court खुद को पार्लियामेंट समझने लगा है और इसीलिए उसने कहा, नहीं, नहीं, इसे पूरे राज्य के तौर पर पढ़ा जाना चाहिए. जब संसद कह रही है कि हमने हर साल रिविजन करने की पावर दी है तो हर साल रिविजन होता है. अगर किसी खास चुनाव क्षेत्र में कोई गड़बड़ी हुई है तो वह वह चुनाव क्षेत्र और उसका हिस्सा, उसका सेक्शन होगा.”
–
Skip to content