
हुबली, 16 अक्टूबर . Union Minister प्रह्लाद जोशी ने Friday को विश्वास जताया कि एनडीए उम्मीदवार कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सहित विधान परिषद की सभी चार सीटों पर जीत हासिल करेंगे. उन्होंने राज्य में कांग्रेस Government के प्रति जनता में बढ़ते असंतोष का भी आरोप लगाया.
हुबली-धारवाड़ में भाजपा उम्मीदवार संकानूर के लिए प्रचार करने के बाद जोशी पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने राज्य Government की कार्यप्रणाली, बिजली की कमी, सूखे के प्रबंधन, बढ़ती कीमतों और स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवाद को लेकर Government की आलोचना की.
जोशी ने कहा कि कर्नाटक, जो पहले काफी मात्रा में बिजली पैदा करने में सक्षम था, अब वहां बिजली कटौती हो रही है, जिससे किसान और ग्रामीण इलाकों के लोग प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस Government पर आरोप लगाया कि वह बिजली की सही खरीद और प्रबंधन के जरिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में विफल रही है.
उन्होंने Government के सूखा राहत उपायों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि Government सूखे से प्रभावित किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने में नाकाम रही है.
उन्होंने बताया कि पिछली भाजपा Government ने भारी बारिश के दौरान 8,000 रुपए प्रति हेक्टेयर, सूखी जमीन पर खेती के लिए 13,000 रुपए और सिंचित भूमि के लिए 25,000 रुपए का मुआवजा दिया था. इसके विपरीत उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा Government ने प्रति किसान परिवार केवल 2,500 रुपए देने की घोषणा की है, जो कि नाकाफी है.
कर्नाटक में Political बहस छेड़ देने वाले स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर जोशी ने सच्चाई का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए एक व्यापक जांच की मांग की.
उन्होंने कहा, “जांच से यह सामने आना चाहिए कि स्टिंग ऑपरेशन मामले में किसने गलत काम किया है. सच्चाई सामने आनी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि राज्य Government को या तो एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना चाहिए या फिर अदालत की निगरानी में जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसका Political संबंध कुछ भी हो.
जोशी ने कहा कि इस विवाद को लेकर हो रही बहस में, आरोपों की जांच करने के बजाय इस बात पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है कि स्टिंग ऑपरेशन किसने रिकॉर्ड किया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक के पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया के साथ उनके कई मतभेद हैं, लेकिन फिर भी तथ्यों का पता लगाने के लिए एक निष्पक्ष जांच जरूरी है.
Union Minister और जेडी (एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी की सेहत को लेकर गृह मंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि किसी की सेहत के बारे में बात करते समय Political मतभेदों को एक तरफ रख देना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति की सेहत के बारे में बात करते समय सभी को बुनियादी शिष्टाचार और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए.
प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस Government पर बढ़ती कीमतों के जरिए लोगों पर बोझ डालने का भी आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान दूध, डीजल, परिवहन सेवाओं और विभिन्न प्रमाणपत्रों की लागत में वृद्धि हुई है.
उन्होंने आरोप लगाया, “Government वित्तीय सहायता के रूप में जो लाभ देने का दावा करती है, उसकी भरपाई वह कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए लोगों से ही कर रही है.”
उन्होंने राज्य परिवहन निगम की बसों के रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स की कमी पर भी चिंता जताई और Government से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया.
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी की Political रणनीति की आलोचना करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस के घटते Political प्रभाव के लिए क्षेत्रीय पार्टियां जिम्मेदार रही हैं. उन्होंने Maharashtra, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में कांग्रेस का आधार कमजोर हुआ है, जिसके बाद उसने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन कर लिया.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में, भाजपा राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रही है और पूरे देश में अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत कर रही है.
गन्ना किसानों की समस्याओं पर जोशी ने कहा कि प्रोफेसर रमेश चंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो गन्ने की कीमतों, वजन में विसंगतियों, रिकवरी दरों और अन्य संबंधित मुद्दों की जांच करेगी. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समिति की जांच प्रक्रिया के दौरान सहयोग करें.
जोशी ने कहा कि केंद्र की इथेनॉल-ब्लेंडिंग नीति से गन्ना किसानों के लिए भुगतान की व्यवस्था में सुधार हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में इथेनॉल की खरीद में काफी वृद्धि हुई है और इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के उत्पादों का उपयोग करने से किसानों और चीनी उद्योग दोनों को फायदा हुआ है.
उन्होंने कर्नाटक Government से आग्रह किया कि वह गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए, जिसमें गन्ने के लिए ‘स्टेट एडवाइज्ड प्राइस’ (एसएपी) तय करना और किसानों की अन्य मांगों को पूरा करना शामिल है.
उन्होंने बताया कि इन मुद्दों की जांच के लिए अधिकारियों को काम सौंप दिया गया है और उम्मीद जताई कि समिति जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेगी.
भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर अपना भरोसा जताते हुए जोशी ने कहा कि कर्नाटक पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार संकानूर आसानी से जीत हासिल करेंगे.
उन्होंने दावा किया कि भाजपा को स्नातकों और अन्य मतदाताओं से काफी समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि विधान परिषद के चुनाव भविष्य के चुनावों की Political दिशा का संकेत देंगे.
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एससीएच/
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