
New Delhi, 28 अक्टूबर . BJP MP डॉ. अजीत माधवराव गोपचाडे ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च, चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के बयान और केरल कांग्रेस द्वारा सीजेआई से माफी मांगने के मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं दी.
भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली पर सांसद डॉ. अजीत माधवराव गोपचाडे ने से बातचीत में कहा, “‘मच्छर’ और ‘कॉकरोच’ का इस्तेमाल कांग्रेस एक हथियार की तरह कर रही है. तरह-तरह की हरकतें कर अराजकता पैदा करने के साथ कांग्रेस हिंसा फैला रही है. युवाओं को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना गलत है. हमारे युवा हमारी ताकत और भविष्य हैं. अगर देश की बागडोर उनके हाथों में सौंपनी है और हमें ‘विकसित India 2047’ का लक्ष्य हासिल करना है, तो इन ‘मच्छरों’ और ‘कॉकरोचों’ को देश से हटाना ही होगा. इनकी वजह से अराजकता और हिंसा फैल रही है और पूरे देश के लोग चिंतित हैं कि कांग्रेस ऐसा क्यों कर रही है?
उन्होंने कहा, “India जोड़ो से लेकर संविधान तक, हर मुद्दे पर कांग्रेस ने तरह-तरह के झूठे नैरेटिव फैलाकर जो भी अभियान चलाए, वे सभी विफल रहे हैं. लोकतंत्र में हर मुद्दे पर भाजपा की ही जीत हुई है. लोकतंत्र और जन-शासन वाले इस देश में हमने एक के बाद एक जीत हासिल की है.”
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के बयान पर डॉ. अजीत माधवराव ने कहा, “जब फर्जी मतदान, बूथ लूटे जाते थे, मतपेटिका छीनते थे, हमले और कब्जे करते थे, तब लोकतंत्र की याद क्यों नहीं आई. मुलायम सिंह यादव के शासन काल में लोकतंत्र जैसी कोई चीज नहीं बची थी, उस दौर में तानाशाही चलती थी. उत्तर प्रदेश में Samajwadi Party का काला इतिहास है.”
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने social media पर एक पोस्ट में India के मुख्य न्यायाधीश को असम्मानजनक तरीके से संबोधित करते हुए पद छोड़ने के लिए कहा था. हालांकि विवाद होने के बाद जोसेफ ने माफी मांग ली थी.
जोसेफ के इस टिप्पणी पर BJP MP डॉ. अजीत माधवराव गोपचाडे ने कहा, “ऐसे लोगों को बाहर निकाल देना चाहिए. राहुल गांधी को ऐसे लोगों को हटा देना चाहिए, सिर्फ माफी मांग लेना काफी नहीं है. आप अपने एक्स प्लेटफार्म पर गलत बातें लिखते हैं और लोकतंत्र का अपमान करते हैं. आप हमारे मुख्य न्यायाधीश का अपमान करते हैं, जो न्यायपालिका के जरिए देश को एक तरह का मार्गदर्शन देते हैं.”
उन्होंने कहा, “जस्टिस सूर्यकांत जो काम कर रहे हैं, वह सराहनीय है, उनकी पूरी टीम का काम भी तारीफ के काबिल है. अगर आप हमारे मुख्य न्यायाधीश के बारे में ऐसी बेबुनियाद और आपत्तिजनक बातें कहते हैं, तो ऐसे लोगों को देशद्रोह के आरोप में सजा मिलनी चाहिए. इस तरह का कानून लाने की भी जरूरत है. राहुल गांधी, सावधान रहें और अपने कार्यकर्ताओं को काबू में रखें. अपने कार्यकर्ताओं से ऐसी बचकानी और गलत हरकतें न करवाएं. आपने जो किया है, वह एक अपमान है. मेरा कहना है कि ऐसे कार्यकर्ताओं को देशद्रोह के लिए मिलने वाली सजा दी जानी चाहिए.”
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ओपी/पीएम
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