
कोलकाता, 29 सितंबर . कलकत्ता हाईकोर्ट ने Tuesday को सीएम सुवेंदु अधिकारी से जुड़े एक पुराने मामले को रद्द कर दिया. यह मामला 2024 के Lok Sabha चुनावों के दौरान पूर्वी मिदनापुर जिले के कोलाघाट में तत्कालीन नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी के किराए के घर पर पश्चिम बंगाल Police की छापेमारी से जुड़ा था.
यह विवाद मई 2024 में Lok Sabha चुनावों के दौरान शुरू हुआ था, जब राज्य Police ने कोलाघाट में सुवेंदु अधिकारी के किराए के घर पर छापा मारा था. Police ने तब दावा किया था कि उन्होंने ऐसा एक वॉन्टेड अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए किया था.
उस समय विपक्ष के नेता रहे सुवेंदु अधिकारी ने Police के दावों का खंडन किया था और आरोप लगाया था कि Lok Sabha चुनावों के दौरान उन्हें परेशान करने के लिए ये छापे मारे गए थे. अदालत में एक मामला दर्ज किया गया, जिसमें Police ने अपना पुराना बयान ही दोहराया.
हालांकि, Police ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उस दिन सुवेंदु अधिकारी के घर की तलाशी के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. जब्ती की एक खाली सूची तैयार की गई और जांच आगे नहीं बढ़ी.
छापे के समय सुवेंदु अधिकारी घर पर मौजूद नहीं थे क्योंकि वह कहीं और एक Political कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि इस ऑपरेशन में लगभग 80 Policeकर्मी शामिल थे. इस घटना के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने मौके पर Police का सामना किया और Policeकर्मियों के साथ तीखी बहस की.
उन्होंने Police पर छापे और तलाशी अभियान के मामलों में प्रोटोकॉल का पालन न करने का भी आरोप लगाया. साथ ही, Lok Sabha सांसद अभिषेक बनर्जी पर Police की इस कार्रवाई के पीछे मुख्य सूत्रधार होने का आरोप लगाया.
सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम कर रही इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के कर्मचारियों पर भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वे छापे और तलाशी अभियान के दौरान Policeकर्मियों के साथ मौजूद थे.
मामले की जांच के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने Tuesday को आखिरकार मामला रद्द कर दिया, जिससे कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई.
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डीकेएम/पीएम
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