कर्नाटक: कोर्ट के फर्जी आदेश पर उम्रकैद के कैदी को रिहा करने का आरोप, जेल विभाग के डीआईजी गिरफ्तार

Bengaluru, 5 अक्टूबर . Bengaluru की परप्पना अग्रहारा Police ने कथित तौर पर Supreme Court के फर्जी आदेश के आधार पर उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी को जेल से रिहा करने के मामले में जेल विभाग के उत्तरी क्षेत्र के डीआईजी सोमशेखर को गिरफ्तार किया है.

कथित जालसाजी और कैदी की अवैध रिहाई के मामले की जांच के तहत Police सोमशेखर से पूछताछ कर रही है. रिहा किए गए कैदी की पहचान शंकर के रूप में हुई है. वह हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था.

Police के मुताबिक, साल 2018 में शंकर को जेल से रिहा कराने के लिए कथित तौर पर Supreme Court के आदेश जैसा दिखने वाला एक फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था.

Police ने आरोप लगाया है कि सेकंड डिवीजन असिस्टेंट (एसडीए) श्रीकांत ने यह फर्जी आदेश तैयार किया था. इस मामले में शंकर और श्रीकांत को भी गिरफ्तार किया गया है. घटना के समय सोमशेखर परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक के पद पर तैनात थे.

हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए शंकर को कथित फर्जी Supreme Court आदेश के आधार पर 13 नवंबर 2018 को जेल से रिहा किया गया था.

Police अब इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी आदेश किस तरह तैयार किया गया और उसका इस्तेमाल कैसे हुआ. कैदी की रिहाई में आरोपियों की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है.

जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपी इसी तरह की अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं. Police इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अन्य कैदियों को भी जेल से रिहा तो नहीं किया गया. सोमशेखर और अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है.

इससे पहले तत्कालीन Chief Minister सिद्धारमैया और पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर 88 Policeकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे.

सिद्धारमैया ने Policeकर्मियों के आपराधिक मामलों में शामिल होने को शर्मनाक और अक्षम्य बताया था.

जी. परमेश्वर ने राज्य विधानसभा के एक सत्र के दौरान इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े पेश किए थे और Police बल के भीतर जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया था.

Police अधिकारियों के एक वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने राज्य Police के सदस्यों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों पर कड़ी नाराजगी भी जताई थी.

उन्होंने Bengaluru में हुई एक चर्चित एटीएम कैश वैन लूट की घटना का जिक्र किया था, जिसमें कथित तौर पर एक हेड constable को मास्टरमाइंड के रूप में चिह्नित किया गया था.

सिद्धारमैया ने कर्नाटक में ड्रग्स से जुड़े ऐसे मामलों का भी जिक्र किया था, जिनका खुलासा स्थानीय Police के बजाय दूसरे राज्यों की Police ने किया. उन्होंने ऐसी स्थिति को शर्मनाक बताया था.

राज्य Government ने कहा था कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानूनी उपायों पर विचार किया जा रहा है और विभाग के भीतर अधिक सतर्कता सुनिश्चित करने की जरूरत है.

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एएमटी/डीकेपी