कर्नाटक के मंगलुरु में एक इलेक्ट्रीशियन से जबरन वसूली के आरोप में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार

मंगलुरु (कर्नाटक), 7 नवंबर . कर्नाटक के मंगलुरु दक्षिण Police स्टेशन से जुड़े दो Policeकर्मी को Saturday को एक इलेक्ट्रीशियन के साथ मारपीट करने और उससे जबरन वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. ये Policeकर्मी होयसला Police वाहन में गश्त कर रहे थे.

गिरफ्तार Policeकर्मियों की पहचान शिवराज और हिरन्ना बेन्नी के रूप में हुई है. अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. ये गिरफ्तारियां मंगलुरु में इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले विट्ठल निवासी रविराज की शिकायत के बाद की गईं.

शिकायत के अनुसार, रविराज मंगलुरु के नेहरू मैदान में टहलने के बाद घर लौट रहे थे, तभी होयसला वाहन में आए दो Policeकर्मियों ने कथित तौर पर उन्हें रोका और उनके साथ मारपीट की.

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि Policeकर्मियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उसके कवर के अंदर रखे 300 रुपए निकाल लिए. उन्होंने कथित तौर पर उन्हें गाली दी और धमकी दी, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए.

अगले दिन, हीरन्ना बेन्नी और शिवराज कथित तौर पर होयसला की गाड़ी में वापस आए और रविराज को और परेशान किया. शिकायत के अनुसार, उन्होंने कर्नाटक बैंक और यूनियन बैंक के दो एटीएम कार्ड, 1,000 रुपए नकद और उसकी मोटरसाइकिल की चाबी ले ली.

Policeकर्मियों ने कथित तौर पर रविराज के मोबाइल फोन का पासवर्ड प्राप्त किया और उसके बैंक खाते का बैलेंस चेक किया. उन्होंने कथित तौर पर उससे 2,000 रुपए की मांग की और धमकी दी कि अगर उसने रकम नहीं दी तो वे मामला दर्ज कर उसे जेल भेज देंगे.

शिकायत में एक अन्य उमानाथ के Policeकर्मी ने कथित तौर पर रविराज की मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया और उससे पैसे मांगे. रविराज ने आरोप लगाया कि उसे गाली दी गई, धमकाया गया और जबरन पैसे सौंप दिए गए.

रविराज की शिकायत के आधार पर, पाण्डेश्वर Police स्टेशन में First Information Report दर्ज की गई.

शिकायत के बाद, मंगलुरु Police आयुक्त सुधीर रेड्डी ने आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप शिवराज और हिरन्ना बेन्नी को गिरफ्तार किया गया. दोनों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

उमनाथ के खिलाफ आरोपों के संबंध में जांच जारी है.

इस घटना ने ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि Police वाहन में गश्त पर तैनात कर्मियों पर खुद मारपीट, धमकी और जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है.

–

एमएस/