
Bengaluru, 11 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) के Bengaluru जोनल ऑफिस ने Wednesday और Thursday को कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़ी 21 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. ये तलाशी Bengaluru, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में 4 जगहों पर की गई.
ईडी की ओर से यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत जारकीहोली परिवार के कथित तौर पर घोषित न किए गए विदेशी निवेश, सीमा-पार व्यापारिक संबंधों और संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं की जांच और पुष्टि करने के लिए की गई थी.
तलाशी अभियान में चिक्कोडी की सांसद और सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली, बेटे राहुल जारकीहोली और जीजा वाईडी मंजूनाथ शामिल थे. इसके अलावा, सतीश जारकीहोली के कई करीबी सहयोगियों की संपत्तियों की भी तलाशी ली गई, जिनमें उनके ओएसजी और पर्सनल असिस्टेंट मालागौडा पाटिल, राजू दरगशेट्टी, विट्ठल परसनवर और डॉ. गिरीश सोनवलकर शामिल हैं.
इनके अलावा, ईडी की ओर से एक प्राइवेट कंपनी India वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड (बीवीईपीएल) के अधिकारियों के खिलाफ भी तलाशी ली गई. इन पर आरोप था कि कंपनी ने पीडब्ल्यूडी विभाग से टेंडर पाने के बदले भारी रिश्वत दी थी, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर विदेशी संपत्ति हासिल करने के लिए किया गया था.
इस तलाशी के दौरान बीवीईपीएल के मालिकों के ऑफिस और घरों की भी जांच की गई. जांच में पता चला कि जारकीहोली के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों, जिसमें उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली, बेटे राहुल जारकीहोली और बहन महादेवी मंजूनाथ, जो कि जोवाईडी मंजूनाथ की पत्नी भी हैं, ने कई विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल की है, जैसे एल्डोराडो माइनिंग रिसोर्सेज, कांगो और नवा ऑरम माइनिंग लिमिटेड, जाम्बिया आदि.
जांच में यह भी पता चला कि सतीश जारकीहोली ने मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल, कांगो में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है, जो सोने की माइनिंग का काम करती है. जांच में अफ्रीका में खनन संपत्तियों के मालिक के खिलाफ कई दूसरी विदेशी कंपनियों के दस्तावेज भी मिले और जब्त किए गए. कई जगहों पर एक साथ की गई इन तलाशी कार्रवाइयों के दौरान, जिनमें गोकक और डॉलर्स कॉलोनी में मंत्री के घर, Bengaluru में क्रिसेंट रोड पर उनका कार्यालय और घर और गोकक व बेलगावी में संपत्तियां शामिल थीं.
ईडी अधिकारियों ने फेमा के तहत नियमों के उल्लंघन से जुड़ी अहम चीजें बरामद कीं. तलाशी के दौरान 3.3 करोड़ रुपए की बिना हिसाब-किताब वाली भारतीय नकदी और 15 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा (जैसे यूएस डॉलर, यूरो आदि) मिली और जब्त की गई. इसके साथ ही तलाशी में मिले सबूतों से पता चला कि कांगो की एक कंपनी में गैर-कानूनी तरीके से भारी मात्रा में नकद निवेश/खर्च किया गया था.
तलाशी में पीडब्ल्यूडी विभाग में गड़बड़ियों से जुड़े सबूत भी मिले. इसके अलावा, कई प्रभावशाली लोगों, जिनमें सतीश जारकीहोली के साले वाईडी मंजूनाथ द्वारा नियंत्रित और संचालित कंपनी के खाते भी शामिल हैं. कंपनियों और खातों में रिश्वत की रकम (जैसे बीवीईपीएल जैसे ठेकेदारों से ली गई रिश्वत) से जुड़े डिजिटल डिवाइस समेत कई आपत्तिजनक सामान/दस्तावेज मिले. वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है.
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डीके/डीकेपी
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