
Bengaluru, 15 सितंबर . कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने Tuesday को जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ कहा. कांग्रेस नेता ने Bengaluru के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) में छात्र कार्यकर्ता पर प्रस्तावित वृत्तचित्र स्क्रीनिंग का विरोध के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की आलोचना की.
हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा कि उमर खालिद एक राष्ट्रवादी हैं. उन्होंने कहा कि एबीवीपी को उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि एबीवीपी नाथूराम गोडसे की पूजा करती है, जो देशद्रोही है और देश का पहला आतंकवादी. उमर खालिद के बारे में बोलने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार या नैतिक नैतिकता नहीं है.
ये टिप्पणियां तब आईं जब Bengaluru में एबीवीपी ने फिल्म निर्माता ललित वचानी की जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद पर बनी वृत्तचित्र ‘कैदी नंबर 626710 मौजूद है’ की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को रद्द करने की मांग की.
यह वृत्तचित्र 14 सितंबर को एनएलएसआईयू में विश्वविद्यालय के छात्र संगठन, लॉ एंड सोसाइटी कमेटी (लॉ सोक) द्वारा प्रदर्शित किया जाना था.
हालांकि, एनएलएसआईयू ने बताया कि ‘व्यवस्थागत’ और ‘सुरक्षा संबंधी चिंताओं’ के कारण कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित किया गया है.
यह कार्यक्रम उमर खालिद के समर्थन में आयोजित किया जा रहा था और 2020 के दिल्ली दंगों के संबंध में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत बिना मुकदमे के उनकी कैद के छह साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा था.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘बेहद निंदनीय’ बताया और साथ ही उस समय को भी याद दिलाया जब कांग्रेस ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक का ‘गर्मजोशी से स्वागत’ किया था.
पत्रकारों से बात करते हुए BJP MP संबित पात्रा ने कहा कि आज कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद द्वारा दिया गया बयान बेहद निंदनीय है. नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में उमर खालिद पर एक वृत्तचित्र के प्रदर्शन का एबीवीपी द्वारा विरोध किए जाने के संदर्भ में, बीके हरिप्रसाद ने उमर खालिद को राष्ट्रवादी बताया. बीके हरिप्रसाद ने एबीवीपी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उमर खालिद एक राष्ट्रवादी हैं.
पात्रा ने आगे कहा कि जरा सोचिए, ये वही उमर खालिद हैं. फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली में इतने सारे लोग मारे गए थे. उन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले की सुनवाई कई अदालतों में हुई. यहां तक कि फरवरी 2026 में, कुछ ही महीने पहले, Supreme Court ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. देखिए कांग्रेस पार्टी उसी उमर खालिद के प्रति कितनी सहानुभूति रखती है – वे उसे राष्ट्रवादी कह रहे हैं!
BJP MP ने यासीन मलिक के साथ कांग्रेस की मुलाकातों पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि पार्टी ‘तुष्टीकरण’ के स्तर तक गिर गई है.
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एमएस/
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