
New Delhi, 6 सितंबर . आजकल लंबे समय तक बैठकर काम करने, गलत पोस्चर में रहने और शारीरिक गतिविधि कम होने की वजह से कमर और पीठ से जुड़ी परेशानियां आम हो गई हैं. ऐसे में योग के कुछ आसान आसन शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकते हैं. इन्हीं में से एक है वक्रासन.
इसे रीढ़ की हड्डी और कमर के लिए उपयोगी योगासन माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मदद मिल सकती है.
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, वक्रासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पैर सामने की ओर सीधे फैलाकर दंडासन में बैठें. दोनों पैरों को आपस में मिलाकर रखें और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. अब गहरी सांस लें.
इसके बाद बाएं पैर को मोड़ें और उसके पंजे को दाएं घुटने के पास जमीन पर रखें. अब सांस छोड़ते हुए दायां हाथ बाएं घुटने के पास ले जाएं और पैर के तलवे को पकड़ें. अगर ऐसा करना मुश्किल लगे तो हथेली को बाएं पैर के पास जमीन पर भी रखा जा सकता है.
अब बायां हाथ पीछे की तरफ जमीन पर रखें. उंगलियां शरीर से विपरीत दिशा में रहें. इस स्थिति में सांस लेते हुए अपनी रीढ़ को सीधा रखें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए गर्दन और पीठ को धीरे-धीरे बाईं तरफ मोड़ें. जितना आराम से शरीर घूम सके, उतना ही मोड़ें. जबरदस्ती शरीर को खींचने की कोशिश न करें. कुछ समय इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं.
वक्रासन का नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाने में मदद मिल सकती है. कमर और कंधों में होने वाले खिंचाव और दर्द से राहत पाने में भी यह उपयोगी माना जाता है. खासकर लंबे समय तक बैठने वाले लोगों के लिए यह आसन शरीर को स्ट्रेच करने का अच्छा तरीका हो सकता है.
यह आसन पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसके अभ्यास से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी आम पाचन संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है. शरीर के अंदरूनी अंगों पर पड़ने वाले हल्के दबाव और ट्विस्टिंग मूवमेंट की वजह से पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है.
–
पीआईएम
Skip to content