ओला-उबर-रैपिडो चालकों की जांच करें, नियम तोड़ने वालों पर दर्ज हों मामले: सरनाईक

New Delhi, 27 अक्टूबर . रैपिडो, ओला और उबर जैसी ऐप आधारित यात्री परिवहन सेवाओं के चालकों के खिलाफ विभिन्न प्रकार की शिकायतें सामने आ रही हैं. इस पृष्ठभूमि में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मोटर परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित चालकों की सख्ती से जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. जरूरत पड़ने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएं.

Mumbai के माहिम इलाके में रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की कार्रवाई के बाद यह बैठक आयोजित की गई. आरोप है कि संबंधित व्यक्ति के social media अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई थी.

इस मामले में Police जांच कर रही है, हालांकि, शुरुआती जांच में संबंधित व्यक्ति के Pakistan में किसी व्यक्ति या संगठन से सीधे संबंध होने का कोई सबूत नहीं मिलने की खबर है.

इस घटना के मद्देनजर मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऐप आधारित परिवहन सेवाओं में काम करने वाले चालकों के सत्यापन, उनके दस्तावेजों की वैधता और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया.

परिवहन मंत्री ने निर्देश दिया कि रैपिडो, ओला और उबर जैसी कंपनियों के माध्यम से यात्रियों को सेवा देने वाले चालकों की पृष्ठभूमि, लाइसेंस, आवश्यक दस्तावेजों और नियमों के पालन की गहन जांच की जाए. जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन या कानून के तहत दंडनीय गतिविधियां सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं.

उन्होंने कहा कि किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय इन परिवहन सेवाओं पर नियमित निगरानी रखी जानी चाहिए. साथ ही, इन्हें राज्य परिवहन प्राधिकरण के नियामक दायरे में लाने के लिए कानून में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए, ताकि संभावित अनियमितताओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके.

मंत्री प्रताप सरनाईक ने निर्देश दिए कि ऐप आधारित यात्री परिवहन सेवाओं का विस्तार हो रहा है. ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाले चालकों पर लागू नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना जरूरी है. यदि मौजूदा कानूनों या नियमों में आवश्यक प्रावधानों की कमी है, तो चालकों को कानूनी दायरे में लाने के लिए एक अलग संशोधित कानून बनाने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार किया जाए.

बैठक में स्पष्ट किया गया कि यात्रियों की सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था में अनुशासन और कानून के पालन के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा. संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने, शिकायतों को गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए.

ऐप आधारित परिवहन सेवाओं से यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलता है, लेकिन इस क्षेत्र में चालकों का उचित सत्यापन और नियमन अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है.

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एमएस/