
New Delhi, 27 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को वर्चुअल माध्यम से ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, Prime Minister मोदी के साथ’ के तहत देश भर के युवा एथलीटों को संबोधित किया. इस दौरान Prime Minister ने एथलीटों से ओलंपिक में अपनी भागीदारी बढ़ाने की अपील की.
पीएम ने कहा कि देश को 2036 ओलंपिक की तैयारियों के तहत उन खेलों में एथलीट तैयार करने चाहिए जिनमें पारंपरिक रूप से हमारा प्रतिनिधित्व बहुत कम या बिल्कुल नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए 5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उनकी क्षमता के मुताबिक उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए अभियान चलाया जाएगा.
Prime Minister ने कहा, “इस बार, लाल किले से, मैंने देश का ध्यान खेलों में एक बड़ी चुनौती की ओर दिलाया. यह चुनौती ओलंपिक से जुड़ी है. कड़वी सच्चाई यह है कि India की टीमें ओलंपिक का हिस्सा बनने वाले आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेती हैं. India की सीमित भागीदारी लंबे समय से एक चिंता का विषय रही है. इसका सीधा असर कुल पदकों पर पड़ता है.हम मेडल टैली के बहुत बड़े हिस्से के लिए मुकाबला नहीं करते हैं. यह स्थिति काफी समय से है. 2012 के ओलंपिक्स में, India ने सिर्फ 13 खेलों में हिस्सा लिया था. 20 से ज्यादा खेलों में, हमारी सहभागिता नहीं थी.”
Prime Minister ने सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे खेलों का जिक्र ऐसे क्षेत्रों के रूप में किया, जहां India देश की अलग-अलग जगहों को देखते हुए अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकता है.
उन्होंने कहा, “ऐसे बहुत से खेल हैं जिनके नाम देश के लोगों ने शायद सुने होंगे. दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं. हम उन खेलों में हिस्सा नहीं लेते. हमें इन खेलों में भी पदक टैली बढ़ाने के लिए महारत हासिल करनी होंगी. उदाहरण के लिए, सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग में हम ऐसा कर सकते हैं.”
पीएम मोदी ने कहा कि India के समुद्र तट, पहाड़ और अलग-अलग तरह के इलाके देश को पानी, पहाड़ों और सर्दियों के खेलों से जुड़े खेलों में टैलेंट को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का मौका देते हैं. हमारे पास इतनी लंबी कोस्टलाइन और इतना बड़ा पहाड़ी इलाका है, जहां ऐसे खेल के प्रति स्वभाविक लगाव हो सकता है. हमारे पास वॉटर और विंटर स्पोर्ट्स में सफल होने के लिए जरूरी डेमोग्राफी और भूगोल हैं. फिर भी, हम ऐसे खेलों में दुनिया में कहीं नहीं हैं.
Prime Minister ने जोर देकर कहा कि India में खेल की पहुच बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर मौके बनाने होंगे. हमें अलग-अलग जिलों में ऐसे मौके बनाने होंगे, जहां एक खास खेल का इकोसिस्टम विकसित हो सके.
पीएम ने कहा कि 2036 ओलंपिक्स को देखते हुए हमारा फोकस उन एथलीटों की पहचान करने पर होना चाहिए जो गेम्स के लिए क्वालीफाई कर सकें और उनमें हिस्सा ले सकें. इसके लिए हमारा फोकस 5 से 15 साल के प्रतिभाओं की खोज पर रहेगा. 15 अगस्त को मैंने प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी.
उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ यह नहीं देखना है कि कौन सा बच्चा किस खेल में रुचि रखता है, बल्कि हमें यह भी तय करना है कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए उपयुक्त है. हमें उस बच्चे को उसी हिसाब से प्रशिक्षित करना है.
Prime Minister ने कार्यक्रम के दौरान युवाओं को भरोसा दिलाया कि Government उन्हें खेल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी.
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पीएके
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