
भुवनेश्वर, 23 सितंबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Wednesday को बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण हो रही लगातार बारिश और दक्षिणी जिलों पर इसके असर से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की.
Chief Minister कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि स्पेशल रिलीफ कमिश्नर राजेश प्रभाकर पाटिल ने Chief Minister को गहरे दबाव, बारिश की संभावना और Government द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. भुवनेश्वर में हुई इस बैठक में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, मुख्य सचिव अनु गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
सीएम माझी ने कहा कि सभी प्राकृतिक आपदाओं में हमारी एकमात्र नीति ‘जीरो कैजुअल्टी’ है, इसलिए राज्य Government के सभी संबंधित विभागों को जिला प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर स्थिति से निPatna होगा. उन्होंने अधिकारियों से लोगों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा.
सीएमओ के अनुसार, Chief Minister ने अधिकारियों को जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. हालांकि, चक्रवात की कोई संभावना नहीं है, फिर भी उन्होंने एहतियाती उपायों के साथ पूरी तैयारी बनाए रखने की सलाह दी.
अधिकारियों ने Chief Minister को बताया कि गहरे दबाव के कारण Wednesday और Thursday को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 25 सितंबर के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है.
सीएमओ ने आगे बताया कि Odisha डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की 33 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं. इनमें से छह-छह टीमें गंजाम और कोरापुट में, तीन-तीन टीमें गजपति, मलकानगिरी और रायगढ़ा में, दो टीमें कालाहांडी में और एक टीम बलांगीर में तैनात है.
इसके अलावा, छत्रपुर (गंजाम) स्थित Odisha डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स यूनिट की नौ टीमों को रिजर्व में रखा गया है. समुद्र में अशांत स्थिति रहने की संभावना को देखते हुए सभी बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या 3 जारी किया गया है और मछुआरों के समुद्र में जाने पर लगी रोक जारी रहेगी. जिला प्रशासन को इस प्रतिबंध का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
प्रभावित होने की संभावना वाले जिलों में गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. राजस्व विभाग ने नुआपाड़ा, बलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ में भी तैयारियां की हैं.
राज्य और जिला अधिकारी वास्तविक समय में बारिश, जलभराव, आश्रय स्थलों, बिजली और पेयजल आपूर्ति, बचाव दल की तैनाती और जलाशय में पानी के भंडारण की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.
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डीकेएम/डीकेपी
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