ओडिशा सरकार ने 5 जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की, विकास कार्यों में आएगी तेजी

भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर . Odisha Government ने राज्य के दक्षिणी क्षेत्र के 5 महत्वपूर्ण जिलों में प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने और विकास योजनाओं में तेजी लाने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की तैनाती की है. Government द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन अधिकारियों को संबंधित जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

2011 बैच के आईएएस अधिकारी के. सुदर्शन चक्रवर्ती को रायगडा जिले की जिम्मेदारी दी गई है. वे वर्तमान में ओएससीईसी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. रायगडा आदिवासी बहुल और कृषि प्रधान जिला है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन अहम है. ओएससीएससी में उनके अनुभव का लाभ जिले को मिलने की उम्मीद है.

2012 बैच की अधिकारी डॉ. पोमा टुडू को कोरापुट जिले में तैनात किया गया है. वे अतिरिक्त सचिव, एसटी और एससी विकास, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के रूप में कार्यरत हैं. कोरापुट राज्य के सबसे बड़े और आदिवासी बहुल जिलों में से एक है, जहां अनुसूचित जनजाति कल्याण से जुड़ी योजनाएं प्रमुख हैं. उनके अनुभव से जिले में शिक्षा, कल्याण और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को गति मिलने की उम्मीद है.

2012 बैच के ही आईएएस अधिकारी विजय कुमार डैश को गजपति जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वे अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग रहे हैं. गजपति एक पहाड़ी और आदिवासी जिला है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है. स्वास्थ्य विभाग में उनके अनुभव से जिले में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.

2014 बैच के अधिकारी डॉ. येड्डुला विजय को मलकानगिरी जिले में तैनात किया गया है. वे वर्तमान में निदेशक खेल विभाग के पद पर हैं. मलकानगिरी राज्य के सबसे पिछड़े और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों में से एक है. यहां युवाओं के लिए शिक्षा, खेल और रोजगार के अवसर बढ़ाना Government की प्राथमिकता है.

2014 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. महेश्वर स्वैन को नबरंगपुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है. वे Chief Minister के अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं. नबरंगपुर भी आदिवासी बहुल जिला है और कृषि पर निर्भर है. Chief Minister कार्यालय में काम करने के अनुभव से वे सरकारी योजनाओं के सीधे क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा सकते हैं. Government का मानना है कि इन वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती से संबंधित जिलों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी.

–

एससीएच/पीएम