ओडिशा विधानसभा मानसून सत्र के पहले एमएमडीआर कानून पर विपक्ष ने सरकार को घेरा

भुवनेश्वर, 22 सितंबर . Odisha विधानसभा का मानसून सत्र Tuesday को विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्यों के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम और पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर भारी हंगामे के बीच शुरू हुआ.

Tuesday को सदन की कार्यवाही Chief Minister मोहन चरण माझी द्वारा हाल ही में दिवंगत हुए सदन के छह पूर्व सदस्यों और नेपाल में हुई त्रासदी में जान गंवाने वाले 1,000 से अधिक लोगों की स्मृति में शोक प्रस्ताव पेश करने के साथ शुरू हुई.

विपक्ष के नेता (एलओपी) और बीजद अध्यक्ष नवीन Patnaयक, कांग्रेस विधानमंडल दल (सीएलपी) के नेता राम चंद्र कदम, सीपीआई-एम के नेता आदि ने प्रस्ताव का समर्थन किया.

सदन ने दिवंगत पूर्व विधायकों के शोक संतप्त परिवारों और नेपाल में हाल ही में हुई त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. अध्यक्ष सुरमा पाधी ने सदन की ओर से सहानुभूति व्यक्त की.

Odisha विधानसभा के सदस्यों ने उनकी स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखा. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य बैनर और तख्तियां लेकर अध्यक्ष के मंच के पास जमा हो गए और Government विरोधी नारे लगाने लगे.

कांग्रेस विधायक एमएमडीआर अधिनियम को तत्काल निरस्त करने की मांग कर रहे थे, जबकि बीजद विधायकों ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में त्रुटि के मुद्दे पर स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग करते हुए भारी हंगामा किया.

अध्यक्ष पद्य ने पहले प्रदर्शनकारी सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने और प्रश्नकाल को सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. इसलिए, उन्होंने सदन को दोपहर 1:10 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा कि राज्य Government बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य Government ने पिछले छह महीनों में कुछ नहीं किया और अब विधानसभा के मानसून सत्र के मद्देनजर कुछ क्षेत्रों में संशोधित पाठ्यपुस्तकें वितरित करने का दावा कर रही है.

मल्लिक ने कहा कि हमने अपनी मांग रख दी है और यदि राज्य Government इसे मान लेती है, तो हम सदन को चलने देंगे. Government पहले हमारी मांग माने और यह सुनिश्चित करे कि विद्यालय एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए इस्तीफा दें. हम मंत्री के इस्तीफे की मांग करते आ रहे हैं. यदि Government नई पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन पर सरकारी खजाने से खर्च की गई अतिरिक्त राशि की वसूली सुनिश्चित करती है, तो हम अपना विरोध समाप्त कर देंगे.

बीजद के नेता बाद में पार्टी के छात्र एवं युवा संगठनों के सदस्यों द्वारा पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों और मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए.

Odisha प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने हाल ही में पारित एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 के कारण राज्य को हुए कथित वित्तीय नुकसान का मुद्दा उठाया.

एमएस/