ओडिशा: ‘मन की बात’ में संबलपुर की मैथिली भुए के जिक्र से देबरीगढ़ समुदाय में खुशी, वन संरक्षण के लिए बढ़ा लोगों का उत्साह

बरगढ़, 30 अगस्‍त . Prime Minister Narendra Modi के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने इलाके का जिक्र होने पर स्थानीय समुदाय के लोगों और देबरीगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की. दरअसल, Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को मन की बात के 137वें एपिसोड में Odisha की मैथिली ‘भुए’ का जिक्र किया. मैथिली ‘भुए’ जंगल के संरक्षण में अहम योगदान दे रही है.

अलग-अलग गांवों के लोगों ने यह कार्यक्रम देखा और कहा कि Prime Minister के जिक्र ने उन्हें वन्यजीव और जंगल के संरक्षण के लिए और ज्‍यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है. उन्हें यह भी लगता है कि इससे संरक्षण की कोशिशों के लिए लोगों का ज्‍यादा समर्थन जुटाने में मदद मिलेगी.

मैथिली 2023 में देबरीगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से जुड़ीं और होमस्टे और गांवों को प्लास्टिक-मुक्त बनाने जैसी संरक्षण की कोशिशों में सक्रिय रूप से शामिल रही हैं. उन्होंने देबरीगढ़ को साफ रखने और जंगल व वन्यजीवों की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोगों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई है.

पुरुष प्रधान समाज में काम करते हुए मैथिली ने अपनी लगन, कड़ी मेहनत और अनुशासन के लिए तारीफ पाई है, साथ ही दूसरों को भी संरक्षण की कोशिशों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया है.

देबरीगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के डीएफओ अंशुप्रज्ञा डैश ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे सारे कम्‍युनिटी के सदस्‍य और देबलीगढ़ के सारे स्‍टॉफ Prime Minister Narendra Modi के आभारी हैं. पीएम मोदी ने हमारे समुदाय के बारे में बोला, जिसकी वजह से सभी बहुत खुश हैं. मन की बात के कार्यक्रम को पूरा गांव देख रहा था. यह सब यहां के लोगों को आने वाले समय में कठिन परिश्रम करने के लिए प्रेरित करेगा, इससे संस्‍था को भी फायदा होगा. वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी की सुरक्षा बढ़ेगी.

उन्‍होंने कहा कि मैथिली भुए 2023 में देबरीगढ़ इको-टूरिज्‍म से जुड़े. इससे पहले हमने ग्रीन विलेज बनाया. इसके तहत हर घर में शौचालय, डस्‍टविन और प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल धीरे-धीरे बंद करने में उनकी मुख्‍य भूमिका थी. इसके साथ ही, गांव में हर महिला को प्रेरित करना का काम किया है. इको-टूरिज्‍म से जुड़ने के बाद से लगातार हमने महिलाओं को इको-टूरिज्‍म में सहभागी बनने के लिए मार्गदर्शक के रूप में आगे आईं. उनकी लीडरशिप बहुत बेहतर रही है.

दरअसल, Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को मन की बात के 137वें एपिसोड में कहा, “हमारे आसपास ऐसे कई लोग हैं, जो एक छोटा-सा प्रयास शुरू करते हैं और देखते-ही-देखते उनका प्रयास बहुत से लोगों के जीवन में बदलाव का रास्ता बना देता है. Odisha के देबरीगढ़ में एक गांव है ‘धोड़रोकुसुम’. कुछ साल पहले तक इस गांव की मैथिली भुए लगभग हर दिन जंगल जाती थीं. कभी जलावन की लकड़ी लेने, कभी महुआ और केंदु पत्ता चुनने, तो कभी बांस की कोपलें और दूसरी वन उपज लाने. उनके और वहां के अनेक परिवारों की बहुत सी जरूरतें इसी जंगल से पूरी होती थीं, लेकिन फिर मैथिली जी देबरीगढ़ इको-टूरिज्म से जुड़ीं. यहां से जंगल के साथ उनका रिश्ता एक नई दिशा में बदल गया. अब जंगल का संरक्षण भी उनकी आजीविका का माध्यम बन गया.”

पीएम मोदी ने कहा, “मैथिली के जीवन में आए इस बदलाव ने दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित किया. आज 60 से अधिक महिलाएं जंगल के संरक्षण में जुड़ चुकी हैं. कोई वन्य-जीवों की सुरक्षा का दायित्व संभाल रही है, कोई घास के मैदानों के विकास से जुड़ी है, तो कुछ महिलाएं इको-टूरिज्म गतिविधियों में योगदान दे रही हैं. मैथिली और देबरीगढ़ की इन बहनों ने दिखाया है कि प्रकृति की रक्षा भी हो सकती है और जीवन में समृद्धि भी आ सकती है. इन सभी बहनों का प्रयास हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है.”

एएसएच/डीकेपी