
भुवनेश्वर, 19 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) के भुवनेश्वर जोनल कार्यालय ने अवैध खनन, चोरी, डकैती और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भुवनेश्वर के एक खनन कारोबारी के खिलाफ अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की है.
ईडी के आधिकारिक बयान के अनुसार, 16 अक्टूबर को भुवनेश्वर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में रतिकांत राउत के खिलाफ यह शिकायत दाखिल की गई. यह मामले में पहली पूरक अभियोजन शिकायत है. इससे पहले 7 जुलाई 2026 को उनकी पत्नी लक्ष्मीप्रिया प्रुस्ती और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मुख्य शिकायत दाखिल की गई थी.
ईडी ने रतिकांत राउत के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच Odisha Police द्वारा दर्ज कई First Information Report के आधार पर शुरू की थी. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम, 1959 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 के तहत मामले दर्ज हैं.
जांच एजेंसी के अनुसार, राउत पर अपराध से अर्जित धन को चल और अचल संपत्तियों के रूप में अपने नाम, परिवार के सदस्यों के नाम और अपनी संबद्ध कंपनियों के माध्यम से रखने, छिपाने और इस्तेमाल करने का आरोप है.
ईडी ने बताया कि रतिकांत राउत एक हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ Odisha के विभिन्न थानों में कुल 27 First Information Report दर्ज हैं. इनमें अवैध खनन, चोरी, डकैती और विस्फोटकों की आपूर्ति जैसे आरोप शामिल हैं.
एजेंसी का दावा है कि राउत और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने 341 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) जुटाई. आरोप है कि धेंकानाल में खनन पट्टे होने के बावजूद उन्होंने निर्धारित सीमा से अधिक खनन किया, गैर-अधिकृत क्षेत्रों से खनिज निकाले, अवैध रूप से विस्फोटकों का उपयोग किया और खनिजों की चोरी तथा मिलावट में भी शामिल रहे.
ईडी के अनुसार, Odisha स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (ओआरएसएसी) द्वारा किए गए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वेक्षण में पट्टा क्षेत्र के भीतर अत्यधिक खनन और पट्टा सीमा के बाहर सात स्थानों पर अवैध खुदाई की पुष्टि हुई. इनमें सरकारी जमीन और उनकी कंपनी एश्योरेंस कॉनडेव प्राइवेट लिमिटेड की भूमि भी शामिल थी.
जांच में यह भी सामने आया कि राउत ने विभिन्न आपस में जुड़े खातों और व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से धन का लेन-देन किया. इनमें मां तारिणी स्टोन क्रशर, आरएलआर मर्केंटाइल, साई संभू इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (एसएसआईपीएल) और एश्योरेंस मेटालॉयड एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. इस प्रक्रिया में उनकी पत्नी लक्ष्मीप्रिया प्रुस्ती की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
एजेंसी का आरोप है कि अपराध से अर्जित धन को चल और अचल संपत्तियों के रूप में उनके, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित कंपनियों के नाम पर छिपाया गया.
ईडी ने पहले 8 जनवरी 2025 को इस मामले से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. बाद में रतिकांत राउत को 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था. विशेष अदालत ने उन्हें पांच दिनों की ईडी हिरासत में भेजा था.
इसके बाद 26 अगस्त 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बाद में ईडी द्वारा नए सबूत पेश किए जाने पर 7 सितंबर 2026 को अदालत ने चार दिन की अतिरिक्त हिरासत भी मंजूर की थी.
एजेंसी ने बताया कि अदालत ने यह मानते हुए उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी कि प्रथम दृष्टया मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में उनकी संलिप्तता दिखाई देती है.
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एएमटी/डीकेपी
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