
भुवनेश्वर, 1 अक्टूबर . Odisha कैडर के आईएएस अधिकारी आर.एस. गोपालन, जो अभी Odisha के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के तौर पर काम कर रहे हैं, ने सरकारी नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया है. इससे राज्य में हुए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
2001 बैच के आईएएस अधिकारी गोपालन ने रिटायरमेंट से लगभग 21 महीने पहले Wednesday को वीआरएस के लिए अप्लाई किया. Thursday को उन्होंने कहा कि उनका फैसला निजी था और इसका राज्य में हाल ही में हुए वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) या देश भर में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है.
गोपालन ने से कहा, “मैंने 25 साल की सर्विस पूरी कर ली है और अब मैं पेंशन के लिए योग्य हूं. मेरी सर्विस के लगभग दो साल ही बचे हैं. Odisha प्रशासन ने मेरा बहुत अच्छा ख्याल रखा है.”
एसआईआर प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि Odisha में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चली और इस प्रक्रिया के तहत लगभग 58 लाख वोटरों को नोटिस भेजे गए. उन्होंने कहा, “हमने राज्य में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की है. मेरे फैसले के पीछे ऐसा कुछ नहीं है जैसा मीडिया में अंदाजा लगाया जा रहा है.”
सीईओ गोपालन ने कहा कि सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद वह प्रोफेशनल क्षेत्र में मौके तलाश सकते हैं. उन्होंने कहा, “भविष्य में, मैं प्रोफेशनल क्षेत्र में कुछ करूंगा. मुझे लगता है कि यह मेरे लिए सही समय है. मैंने अपना फर्ज निभाया है.”
गौर करने वाली बात है कि हाल ही में, 2013 बैच के Odisha कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा ने निजी कारणों का हवाला देते हुए स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लिया था.
इस बीच, Odisha विधानसभा में विपक्ष के उप-नेता और वरिष्ठ बीजद नेता प्रसन्न आचार्य ने Thursday को मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.एस. गोपालन के स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेने के फैसले के समय पर सवाल उठाए.
आचार्य ने कहा, “अहम सवाल यह है कि देश में कई नौकरशाह समय से पहले इस्तीफा दे रहे हैं और वह भी एसआईआर की प्रक्रिया के बीच. यह स्वाभाविक है कि लोगों के मन में शक पैदा हो कि इतने सारे नौकरशाह, खासकर वे जो इस एसआईआर काम से जुड़े हैं, इस्तीफा क्यों दे रहे हैं.”
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एससीएच/पीएम
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