ओडिशा के जंगल से पांच ओरंगुटान बचाए गए, वन्यजीव तस्करी की आशंका

भुवनेश्वर, 8 सितंबर . Odisha के बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक के एक जंगल से Tuesday को पांच ओरंगुटान मिलने से उनकी तस्करी और इसमें किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट के शामिल होने का शक पैदा हो गया है.

पत्रकारों से बात करते हुए, Odisha के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने कहा कि बालेश्वर जिले के भोगराई के जंगल में ओरंगुटान होने की जानकारी मिलने के बाद, वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लगभग 1 से 2 साल के पांच ओरंगुटान बच्चों को बचाया.

उन्होंने आगे कहा कि ये वानर प्रजातियां इंडोनेशिया और मलेशिया के वर्षावनों (रेनफॉरेस्ट) की मूल निवासी हैं. इन्हें एशियाई उपमहाद्वीप के कुछ अन्य हिस्सों में भी देखा गया है. India में ये प्रजातियां बहुत कम पाई जाती हैं.

उन्होंने कहा, “ये प्रजातियां Odisha में नहीं पाई जाती हैं, लेकिन यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि राज्य में ऐसी अनोखी वन्यजीव प्रजातियां देखी गई हैं. हो सकता है कि वे भोजन की तलाश में यहां आए हों, या इसमें कोई अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट शामिल हो सकता है. जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ओरंगुटान की कीमत लगभग 20 लाख से 25 लाख रुपए है.”

उन्होंने यह भी बताया कि वन विभाग की टीम इन अनोखे जानवरों को एक तय जगह पर लाएगी, जहां उन्हें क्वारंटाइन में रखा जाएगा और जरूरी इलाज दिया जाएगा. बाद में उन्हें भुवनेश्वर के नंदनकानन चिड़ियाघर में रखा जाएगा.

मंत्री ने कहा कि वन विभाग ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि ये अनोखी प्रजातियां Odisha कैसे पहुंचीं और क्या इसमें कोई अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट शामिल है.

खबरों के अनुसार, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) को भी इस बरामदगी के बारे में सूचित कर दिया गया है. एजेंसी के भी इस मामले की जांच शुरू करने की संभावना है.

ओरंगुटान इंडोनेशिया और मलेशिया के मूल निवासी ‘ग्रेट एप’ (बड़े वानर) हैं, जो अपनी बुद्धिमत्ता और लाल-भूरे बालों के लिए जाने जाते हैं. वे गंभीर रूप से लुप्तप्राय हैं. उनके आवास के नुकसान और अवैध वन्यजीव व्यापार के कारण उनकी आबादी घट रही है.

India में ओरंगुटान की कोई मूल आबादी नहीं है. इसलिए, Odisha के एक जंगल में पांच ओरंगुटान के मिलने से अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट के शामिल होने का संदेह पैदा हो गया है.

एससीएच/एबीएम