
New Delhi, 15 अक्टूबर . Supreme Court बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने पत्रकार निखिल वागले और शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के खिलाफ Supreme Court में आपराधिक अवमानना की याचिका दायर की है.
यह याचिका India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणियों को लेकर दायर की गई है. अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने आज इस पर कार्रवाई के लिए अपनी सहमति दे दी है.
दरअसल, वागले ने 11 अक्टूबर को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर “**** यू सीजेआई!” लिखा था. उन्होंने ‘द हिंदू’ की एक पोस्ट को कोट करते हुए ऐसा लिखा था, जिसमें बताया गया था कि सीजेआई ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं की उस मुलाकात की मांग को ठुकरा दिया था, जो वे Supreme Court तक अपने मार्च से पहले करना चाहते थे.
वहीं 12 अक्टूबर को की एक रिपोर्ट के अनुसार, संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि सीजेआई समेत 60 से 70 जजों को लंदन में भाजपा नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था.
यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट के 19 जून के एक आदेश पर आधारित है. इस आदेश में पाया गया था कि बैडमिंटन खेलते हुए जो तस्वीरें वायरल हुई थीं, वे लंदन की नहीं, बल्कि New Delhi में नवंबर 2024 के एक कार्यक्रम की थीं.
अपने सहमति पत्र में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वागले की पोस्ट “न केवल अपमानजनक थी, बल्कि निश्चित रूप से बहुत निचले स्तर की भी थी.” उन्होंने यह भी कहा कि जजों के भाजपा कार्यक्रमों में शामिल होने के बारे में राउत के दावे “किसी भी तथ्य पर आधारित नहीं हैं.”
एजी ने इन दोनों बातों को “प्रथम दृष्टया निंदनीय” करार दिया, जिसका उद्देश्य “India के माननीय सर्वोच्च न्यायालय और विशेष रूप से India के मुख्य न्यायाधीश की प्रतिष्ठा को कम करना था.” इसी घटनाक्रम के तहत, वागले ने अब वह पोस्ट हटा दी है और 15 अक्टूबर को एजी को लिखे एक पत्र में मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगी है.
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डीएससी
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