
चंडीगढ़, 2 सितंबर . राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसGST) संग्रह में Haryana ने देशभर में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है. चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में प्रदेश का एसGST संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर 24,662 करोड़ पहुंच गया है, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 16 प्रतिशत रही. Haryana डीपीआर की ओर से यह जानकारी दी गई है.
डीपीआर के मुताबिक, अगस्त 2026 में भी एसGST से 4,982 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है. देश के कुल GST करदाताओं में 4 प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी के बावजूद Haryana का कुल GST संग्रह में योगदान लगभग 7.7 प्रतिशत है.
2 अगस्त को एक्स पोस्ट में डीपीआआर ने कहा था, “Haryana ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसGST) संग्रह वृद्धि के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत के मुकाबले 28 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है.”
वहीं, जुलाई 2026 में Haryana का पोस्ट-सेटलमेंट एसGST संग्रह 5,135 करोड़ रुपये रहा. वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में प्रदेश का पोस्ट-सेटलमेंट एसGST संग्रह 19,680 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 15,055 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है.
Haryana ने जून 2025 की तुलना में जून 2026 में GST संग्रह में 14.66 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की थी. जून 2026 के दौरान संग्रह के लिए राज्य Gujarat और आंध्र प्रदेश के बाद प्रमुख राज्यों में तीसरे स्थान पर रहा था.
इसके अलावा, जुलाई 2026 के दौरान Haryana ने कुल GST राजस्व संग्रह में भी 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी. एसGST संग्रह में लगातार बनी यह तेज वृद्धि Haryana की मजबूत वित्तीय स्थिति तथा राज्य Government द्वारा राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए अपनाए गए प्रभावी और केंद्रित प्रयासों को दर्शाती है.
डीपीआर ने अपने एक अन्य एक्स पोस्ट में कहा, “Haryana विधानसभा द्वारा पारित ‘Haryana राइट टू बिजनेस बिल, 2026’ के तहत पात्र नए और विस्तार करने वाले विनिर्माण एमएसएमई को 15 कार्यदिवसों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी मिलेगी. तय समय में निर्णय न होने पर डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान भी किया गया है. उद्यमों को नियमित मंजूरियां प्राप्त करने के लिए 36 माह का समय मिलेगा और इस अवधि में नियमित निरीक्षण व दंडात्मक कार्रवाई से भी संरक्षण रहेगा.”
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ओपी/एएस
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