एसएससी जीडी ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गैंग का हैकर गिरफ्तार, ‘डेविल’ के नाम से करता था सर्वर हैक

ग्रेटर नोएडा, 23 सितंबर . कर्मचारी चयन आयोग एसएससी की जीडी constable ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए अभ्यर्थियों को नकल कराने वाले सॉल्वर गैंग के खिलाफ एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने बड़ी कार्रवाई की है. एसटीएफ ने परीक्षा में धांधली के मामले में वांछित हैकर अरुण कुमार उर्फ डेविल को दिल्ली के शाहबाद डेरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. आरोपी पर परीक्षा के सर्वर की सोर्स फाइल में बदलाव कर प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को परीक्षा केंद्र के बाहर से नियंत्रित कराने का आरोप है.

एसटीएफ के मुताबिक अरुण कुमार को 22 सितंबर 2026 को शाम करीब छह बजे थाना बेगमपुर, दिल्ली क्षेत्र के शाहबाद डेरी से गिरफ्तार किया गया. आरोपी मूल रूप से बिहार के Patna जिले के दादरी थाना क्षेत्र के ग्राम पालीगंज का रहने वाला है और वर्तमान में शाहबाद डेरी, दिल्ली में रह रहा था. गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से परीक्षा में तकनीकी धांधली के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं. इनमें 12 खुली हुई टीएफटी स्क्रीन, दो लैपटॉप, एक हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, आठ वीजीए स्विच, 11 रास्पबेरी पीआई डिवाइस, 14 वीडियो कैप्चर एचडीएमआई डिवाइस, नौ यूएसबी टू टाइप- सी एडॉप्टर, 13 एचडीटीवी वीजीए एडॉप्टर, नौ टीपी लिंक यूएसबी ब्लूटूथ डोंगल, चार वीजीए टू एडॉप्टर, एक एक्साइटल ब्रॉडबैंड डिवाइस और दो आयरन सोल्डर मशीन शामिल हैं.

एसटीएफ की जांच के अनुसार 22 मई को ग्रेटर नोएडा के बालाजी डिजिटल जोन में आयोजित एसएससी जीडी constable ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर लगाकर और सर्वर को हैक कर अभ्यर्थियों को नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा किया गया था. उस कार्रवाई में गिरोह के मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान, हैकर अमित राणा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. मौके से करीब 50 लाख रुपS नकद, प्रॉक्सी सर्वर और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए थे. इस मामले की विवेचना एसटीएफ गौतमबुद्धनगर द्वारा की जा रही है. जांच के दौरान अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी संख्या में परीक्षा धांधली में इस्तेमाल की गई मोडिफाइड टीएफटी स्क्रीन और रास्पबेरी पी डिवाइस समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है. जांच में एसटीएफ के सामने आया कि हैकर अमित राणा और अरुण कुमार उर्फ डेविल ने परीक्षा सर्वर की सोर्स फाइल को डिकोड कर उसमें आवश्यक बदलाव किए थे. इसके बाद प्रॉक्सी सर्वर के जरिए परीक्षा में नकल कराना संभव हुआ.

जांच एजेंसी के मुताबिक अभ्यर्थियों के कंप्यूटरों को परीक्षा केंद्र के बाहर से नियंत्रित किया जाता था. पूछताछ में अरुण ने कथित तौर पर बताया कि उसकी उम्र करीब 30 वर्ष है और वह बीए पास है. उसने आईटीआई जहांगीरपुरी से कंप्यूटर फंडामेंटल में एक वर्ष का कोर्स किया था. वर्ष 2019 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह मनोज नामक व्यक्ति के संपर्क में आया.

एसटीएफ के अनुसार वहीं से उसने ऑनलाइन परीक्षाओं में तकनीकी धांधली और हैकिंग से जुड़ी गतिविधियां सीखीं. एसटीएफ के मुताबिक अरुण धीरे-धीरे सर्वर हैक करने और मोडिफाइड टीएफटी तैयार करने में विशेषज्ञ हो गया. वह कथित तौर पर हैकिंग की दुनिया में ‘ डेविल ’ नाम से काम करता था. जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश, Haryana, बिहार, Jharkhand और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में परीक्षा धांधली से जुड़े लोग उसके संपर्क में थे. पूछताछ के दौरान वर्ष 2024 में सीतापुर में हुई नर्सिंग स्टाफ ऑफिसर ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के मामले से भी आरोपी का कथित संबंध सामने आया है.

एसटीएफ के अनुसार थाना तालगांव, सीतापुर में दर्ज मुकदमा संख्या 266/2024 में भी अरुण की तलाश की जा रही थी. आरोप है कि उसने मामले के मुख्य आरोपी उत्कर्ष को प्रॉक्सी सर्वर लगाने और सिस्टम को रीबूट करने के लिए पेन ड्राइव में सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया था. एसटीएफ की पूछताछ में यह भी सामने आया कि अप्रैल-मई 2026 में आयोजित एसएससी जीडी constable ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के लिए अरुण ने हैकर अमित कुमार को कुछ महत्वपूर्ण फाइलें डिक्रिप्ट करके उपलब्ध कराई थीं.

दोनों ने कथित तौर पर ऐसी स्क्रिप्ट तैयार की थी, जिसके जरिए क्लाइंट कंप्यूटर को प्रॉक्सी सर्वर से कनेक्ट किया जा सके. इसी तकनीकी व्यवस्था के जरिए एजुकिटी द्वारा आयोजित एसएससी जीडी ऑनलाइन परीक्षा में धांधली किए जाने का आरोप है. एसटीएफ अब गिरफ्तार आरोपी की अन्य गतिविधियों और परीक्षा धांधली से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है.

पीकेटी/डीकेपी