
Bengaluru, 6 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने Tuesday को मांग की कि भारतीय चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के संबंध में निराधार आरोप लगाने वालों के खिलाफ स्वतः संज्ञान ले. उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग मामला दर्ज करे और Chief Minister डीके शिवकुमार के खिलाफ कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की.
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय, जगन्नाथ भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रवि ने कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन Chief Minister ने भाजपा पर एक विशेष समुदाय के 60 लाख से 70 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है.
रवि ने कहा कि इस तरह का आरोप लगाने के लिए Chief Minister के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए. अगर वे इसे साबित नहीं कर सकते, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.
उन्होंने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि अगर ईवीएम में छेड़छाड़ हुई होती, तो शिवकुमार Chief Minister नहीं बनते और कांग्रेस को बहुमत नहीं मिलता.
रवि ने आगे आरोप लगाया कि इसके बावजूद Chief Minister ने Prime Minister और केंद्रीय गृह मंत्री पर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य Government के अधिकारी स्वयं चुनाव आयोग के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं.
भाजपा नेता ने संवैधानिक संस्था का कथित रूप से अपमान करने के लिए कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि भाजपा इस साजिश का विरोध करेगी.
मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का जिक्र करते हुए रवि ने कहा कि Chief Minister ने 60 लाख से 70 लाख मतदाताओं की बात कही थी. इसके विपरीत, चुनाव आयोग ने कहा था कि केवल 91,000 फॉर्म-7 आवेदन प्राप्त हुए थे.
उन्होंने कहा कि शिवकुमार को इस विसंगति और पद के कथित दुरुपयोग के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए.
रवि ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूचियों में केवल वास्तविक मतदाता ही रहने चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ‘सामूहिक मानचित्रण’ किया और अपनी पसंद के मतदाताओं को मतदाता सूचियों में शामिल करने की साजिश रची.
उन्होंने आरोप लगाया कि हमने शिकायतें दर्ज कराकर इस साजिश का पर्दाफाश किया. इसी डर के कारण अब हमारे खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं.
रवि ने आगे दावा किया कि कांग्रेस ने Political लाभ के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर करने की योजना बनाई थी.
Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी शिकायत दर्ज कराते हैं तो उसे स्वीकार्य माना जाता है. इसके विपरीत, भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों को अपराध की तरह देखा जाता है.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को सभी शिकायतों की जांच करनी चाहिए, अवैध या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाने चाहिए, और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
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एमएस/
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