
New Delhi, 25 सितंबर . विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि एसआईआर से जुड़े विवाद के कारण लोगों के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है और इसे दूर करने के लिए चुनाव आयोग को तुरंत स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए.
उपेंद्र कुशवाहा ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “एसआईआर से संबंधित विवाद पर जनता में काफी उलझन की स्थिति पैदा हो गई है. विषय को एड्रेस करने की जरूरत है. कंफ्यूजन दूर करने हेतु चुनाव आयोग के द्वारा अविलंब सही स्थिति पर स्पष्टीकरण आना चाहिए.”
कुशवाहा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर Political विवाद तेज हो गया है.
कांग्रेस ने Friday को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए और उनके इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की.
कांग्रेस की ओर से दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, Odisha समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन किए गए. पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए एसआईआर का विरोध किया.
दिल्ली में युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च किया. वहीं, चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की. प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया.
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए. हालांकि, ये कांग्रेस और अन्य पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप हैं.
इसी बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए Supreme Court में एक जनहित याचिका (पीआईएल) भी दाखिल की गई है.
चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को जारी एक प्रेस नोट में आयोग के भीतर मतभेद को संस्थागत टकराव के तौर पर पेश किए जाने को खारिज किया था. आयोग का कहना था कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में आंतरिक आपत्तियां और लिखित टिप्पणियां स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा हैं और मतभेद की स्थिति में फैसले बहुमत से किए जाते हैं.
–
एएमटी/एबीएम
Skip to content