
आजमगढ़, 18 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश Government के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सपा बसपा और दूसरे पार्टियों के बीएलओ पर आरोप लगाया कि अगर एसआईआर में गलती हुई है, तो उनके बीएलओ क्या कर रहे थे.
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर उन्होंने कहा, “अगर एसआईआर में कोई गलतियां हुई हैं तो चुनाव आयोग समय-समय पर उन्हें सुधारने के अवसर देता है. अगर कोई त्रुटि है तो जिम्मेदारी उस व्यक्ति की है जो बूथ पर गया और बूथ लेवल अधिकारी के रूप में काम किया. हर पार्टी ने अपने बूथ-स्तरीय प्रतिनिधि नियुक्त किए थे. सपा, बसपा या दूसरी पार्टियों के बीएलओ जो इस कार्य में लगे हुए थे, वे क्या देख रहे थे. इनके बीएलओ क्या सिर्फ सो रहे थे.”
वहीं, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कोलकाता की घटना को दुखद बताया. उन्होंने कहा, “यह घटना दुखद है, वहां के Chief Minister ने जो ऐलान किया है, वह पीड़ित परिवार को राहत देने का काम है.” राजभर ने Prime Minister द्वारा दी गई सहायता राशि को भी अच्छा कदम बताया.
रिजीम चेंज वाले बयान पर राजभर ने कहा, “India और बांग्लादेश की तुलना संवैधानिक रूप से नहीं की जा सकती. India में ऐसा संभव नहीं है.”
अभिजीत दिपके की जमानत और मार्च पर प्रतिबंध के सवाल पर उन्होंने कहा, “यह अदालत का मामला है.” मार्च पर प्रतिबंध को लेकर उन्होंने कहा, “जहां अगर आपको अनुमति न हो, अगर वहां कार्यक्रम करेंगे, तो आप पर कार्रवाई नहीं होगी क्या.”
बता दें कि इससे पहले 17 अक्टूबर को राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था, “राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं. वे उसी चुनाव आयोग के तहत सांसद बने, जिसकी वे अब आलोचना कर रहे हैं. अगर उनका दावा है कि गड़बड़ियां हो रही हैं और वोट चुराए जा रहे हैं, तो उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे भी इसी व्यवस्था के तहत चुनाव जीते थे. हालांकि, वे इस्तीफा देने की बात से पीछे हट रहे हैं.”
–
पीएम
Skip to content