
हैदराबाद, 9 अक्टूबर . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने Friday को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान से बड़ा कुछ नहीं है और किसी भी भारतीय नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता.
केटीआर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई. उन्होंने Supreme Court से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने और किसी मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराने का भी आग्रह किया.
केटीआर ने कहा, “भारतीय संविधान से बड़ा कुछ नहीं है. किसी भी भारतीय नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. कोई भी व्यक्ति संस्था से बड़ा नहीं है. इस देश ने कई लोगों को आते-जाते देखा है, लेकिन देश मजबूत बना रहा और आगे बढ़ता रहा. फिर एक व्यक्ति को बचाने के लिए इतनी बेचैनी क्यों है? क्या एक व्यक्ति 140 करोड़ भारतीयों के अधिकारों से बड़ा हो सकता है?” उन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार और ऐसे किसी भी व्यक्ति का समय समाप्त हो गया है, जो देश की आत्मा को कमजोर करने वाली समानांतर व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है.
तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के उपनेता टी. हरीश राव ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है, न कि सत्ता में बैठे लोगों को बचाने का माध्यम. हरीश राव ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में कहा कि निर्वाचन आयोग की नियुक्ति, स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली पर उठने वाले सवाल सीधे तौर पर संवैधानिक लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़े हैं.
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324, 325 और 326 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में विश्वसनीय, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव प्रणाली सुनिश्चित करना आवश्यक है. किसी भी पात्र मतदाता को मनमाने तरीके से मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता.
हरीश राव ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. यदि निर्वाचन आयोग जनता का विश्वास हासिल करने में विफल रहता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति या Government से बड़ा है.
इस बीच, बीआरएस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर Saturday को हैदराबाद स्थित तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने का फैसला किया है.
पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत बीआरएस विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई है. बीआरएस ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की व्यापक और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.
पार्टी की योजना है कि हैदराबाद में प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे को लेकर अपना अभियान दिल्ली तक ले जाया जाए.
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डीएससी
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