
New Delhi, 6 अक्टूबर . Supreme Court में लंबित एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों पर विपक्ष के सड़क पर प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और संसदीय गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने यूपी चुनाव को लेकर अखिलेश यादव के दावों को बड़बोलापन करार दिया.
भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने कहा, “विपक्ष का काम Government की नीतियों की आलोचना करना, सदन में बैठकर चर्चा करना और तमाम विषयों पर अपनी राय रखना है, लेकिन जब सदन चर्चा के लिए बना है और सदन में चर्चा नहीं करेंगे, सड़क पर आकर धरना और आंदोलन करेंगे, यह विपक्ष की रणनीति रह गई है, क्योंकि इनके पास कोई तर्क नहीं है, कोई जवाब नहीं है.”
उन्होंने आगे कहा कि आज जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम और तमाम लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम जिस गैर-जिम्मेदारी के साथ विपक्ष कर रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. नेता प्रतिपक्ष को, जिनकी जिम्मेदारी शैडो गवर्नमेंट के रूप में देखी जाती है, विपक्ष की वह भूमिका आज केवल सड़कों पर बैठकर काम में बाधा उत्पन्न करना रह गई है, इसके अतिरिक्त कोई दूसरा काम नहीं रह गया है.
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश के बाहर जब जाएंगे तो देश के विरुद्ध अनर्गल प्रलाप करेंगे, ऐसे-ऐसे आरोप लगाएंगे जिससे देश की मर्यादा गिरेगी, और देश के अंदर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम करेंगे. हर वह गतिविधि जो लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करे, वही काम आज विपक्ष का रह गया है.
भाजपा नेता ने कहा कि मैं समझता हूं कि आज जो कुछ हो रहा है, यह सारा प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और सर्वोच्च न्यायालय में सब पर परीक्षण हो रहा है. सर्वोच्च न्यायालय इसको देख रहा है, लेकिन उसके बाद भी सड़कों पर आकर काम में बाधा डालना, हंगामा करना, तोड़-फोड़ करना, क्या यही विपक्ष की रणनीति है? और क्या विपक्ष के संकेत पर, इनके आदेश पर संवैधानिक संस्थाएं काम करेंगी?
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की एक मर्यादा है, उस मर्यादा के अनुरूप वे लोग आचरण करते हैं, काम करते हैं, लेकिन जिस तरह से ये लोग कह रहे हैं कि इनके कहने पर इस्तीफा दे दें, इनके कहने पर पद छोड़ दें, यह कैसे संभव है? यह सारा मामला Supreme Court में चल रहा है, जो भी होगा वहां से न्यायिक प्रक्रिया के तहत जो भी निर्णय होगा, उसका क्रियान्वयन होगा.
कांग्रेस नेता को घेरते हुए भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने कहा कि यह नेता प्रतिपक्ष का आचरण है, अरे नेता प्रतिपक्ष इस देश का बड़ा नेता होता है, बड़ा गरिमामय पद है. उस पर रहकर रोज इस तरीके से न्यूसेंस करना, सामाजिक कामों में बाधा डालना, सार्वजनिक कामों में रोड़े अटकाना, यही काम विपक्ष का रह गया है. इस तरीके से देश चलेगा? 140 करोड़ आबादी का देश गरिमा और संयम के साथ चलता है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी बहुत जिम्मेदार होना चाहिए, तब जाकर देश का लोकतंत्र मजबूत होता है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष को जनता में लगातार निराशा और हताशा मिल रही है. एक चुनाव के बाद जब दूसरा चुनाव आता है तो जनता इनके विरुद्ध जनादेश देती है, उस सब से ये लोग निराश और हताश होकर आज इस तरह के उच्छृंखल कार्य कर रहे हैं, इससे जनता का विश्वास अर्जित नहीं होगा.
अशोक वाजपेयी ने कहा कि जब तक जनता के बीच काम नहीं करेंगे, जनता की सेवा नहीं करेंगे और सही आचरण नहीं करेंगे, तब तक जनता का विश्वास इनको मिलने वाला नहीं है.
यूपी चुनाव को लेकर अखिलेश यादव के दावों पर उन्होंने कहा कि अरे, वो तो उनके अपने मन की बात है, चाहे जो जितना बोल दे, इसमें क्या, 403 तो वहां कुल सीटें हैं, 403 के पार क्या, इसके पार भी कोई विधानसभा की कुल संख्या ही 403 है, उसके पार क्या होगा, लेकिन ये बड़बोलापन कई बार से हो रहा है, 2017 में हुआ, 2022 में हुआ और 2027 के भी नतीजे आएंगे, तब भी जनता स्पष्ट कर देगी कि आज उत्तर प्रदेश में जिस तेजी के साथ विकास हुआ है, जिस तेजी के साथ वहां पर पूंजी निवेश हुआ है, जिससे तमाम नौजवानों को रोजगार मिला है, लोगों में अराजकता का जो माहौल प्रदेश में व्याप्त था, वह समाप्त हुआ है, गुंडा राज खत्म हुआ है.
भाजपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी की Government के पक्ष में है और जब चुनाव के नतीजे आएंगे तब आपको स्वयं स्पष्ट हो जाएगा कि उत्तर प्रदेश में जो 2017 में जनता का निर्णय था, जो 2022 में जनादेश था, वही जनादेश 2027 में भी आएगा, तब इन सब लोगों को अपनी हकीकत का अंदाजा लग जाएगा.
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