एसआईआर के जरिए संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही कांग्रेस: श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर, 22 सितंबर . छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के सवालों, असम में पूर्व Chief Minister भूपेश बघेल के काफिले पर हुए हमले और इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों के कार्यक्रम को लेकर भाजपा की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया. वहीं, भूपेश बघेल के काफिले पर हुए हमले की घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के इसे भाजपा से जोड़ना उचित नहीं है.

एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस पहली बार किसी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी चुनाव प्रणाली, चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर सवाल उठाती रही है और एसआईआर के मुद्दे पर भी उसने पूरी ताकत लगा दी. कांग्रेस इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक गई, लेकिन अब संवैधानिक संस्थाओं को लेकर नए सवाल खड़े किए जा रहे हैं. संवैधानिक संस्थाओं और संविधान का अपमान करना कांग्रेस की फितरत में शामिल है.

जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार समाप्त हो चुका है और पार्टी आने वाले चुनाव में संभावित हार के लिए अभी से एक Political माहौल और आधार तैयार कर रही है. एसआईआर का मुद्दा भी कांग्रेस द्वारा जनता के सामने अपनी Political स्थिति को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

असम में पूर्व Chief Minister भूपेश बघेल के काफिले पर हुए हमले को लेकर भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों पर श्याम बिहारी जायसवाल ने अलग रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के पूर्व Chief Minister रहे हैं और यदि उनके ऊपर किसी प्रकार का हमला हुआ है तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है. ऐसी किसी भी घटना की वह निंदा करते हैं और यदि किसी व्यक्ति या समूह ने हमला किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, भूपेश बघेल की ओर से इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराए जाने की उन्होंने कहा कि किसी घटना को भाजपा से जोड़ने से पहले तथ्य सामने आने चाहिए. बिना तथ्यों के भाजपा को जिम्मेदार बताना जल्दबाजी में दिया गया बयान है और यह पूर्वाग्रह से प्रेरित है. यदि भूपेश बघेल को किसी तरह की परेशानी हुई है तो छत्तीसगढ़ के लोग उनके साथ हैं, लेकिन किसी भी घटना को सीधे भाजपा से जोड़ना उचित नहीं है.

जब उनसे असम के Chief Minister हिमंत बिस्व सरमा के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने घटना को कांग्रेस के भीतर की आपसी लड़ाई का हिस्सा बताया था, तो श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भूपेश बघेल असम के प्रभारी हैं और वहां कांग्रेस की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की असम में ऐसी कोई व्यापक लोकप्रियता या जनाधार नहीं है कि भाजपा या किसी विपक्षी दल के लोग उन पर हमला करें. यदि घटना का संबंध टिकट या कांग्रेस के भीतर किसी अन्य विवाद से है, तो इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यदि Chief Minister हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस के भीतर के लोगों की भूमिका की संभावना जताई है, तो उस पहलू को भी देखा जाना चाहिए. इसी क्रम में उन्होंने भूपेश बघेल को भाजपा की ओर देखने के बजाय कांग्रेस के भीतर की परिस्थितियों पर ध्यान देने की सलाह दी.

इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों के कार्यक्रम को लेकर भाजपा की आपत्तियों पर भी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राहुल गांधी के मंच से किए गए हंसी-मजाक को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि हंसी-मजाक की भी एक सीमा होती है. राहुल गांधी को यह याद रखना चाहिए कि वह India जैसे विशाल देश के Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष हैं. इतनी बड़ी संवैधानिक और Political जिम्मेदारी वाले पद पर बैठे व्यक्ति के सार्वजनिक व्यवहार को लेकर गंभीरता अपेक्षित है. उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी अभी भी बच्चों जैसी हरकतें करते हैं और उनका व्यवहार ‘इमैच्योर’ है. उन्होंने इसे कांग्रेस पार्टी के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि पार्टी को इस पर विचार करना चाहिए.