एशियन गेम्स की शटल सर्विस में गड़बड़ी, एथलीट एयरपोर्ट के पास फंसे

नागोया (जापान), 16 सितंबर . आइची-नागोया एशियन गेम्स से पहले, Wednesday को चुबू सेंट्रेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आइची स्काई एक्सपो में कई देशों और क्षेत्रों के एथलीट और अधिकारी ट्रांसपोर्ट में देरी के कारण फंस गए.

कई देशों के दल अपने आधिकारिक रहने की जगह तक जाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे, क्योंकि वहां मौजूद सिस्टम में बड़ी संख्या में एथलीट्स की जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे वे पहले से तय शटल बसों में नहीं चढ़ पाए. इस समस्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई.

चीनी दल के सदस्यों का एक समूह, स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 12:15 बजे एयरपोर्ट पहुंचा. इसमें कई राष्ट्रीय टीमें शामिल थीं. ‘सिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, सिस्टम में उनकी कुछ जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे समूह शटल बसों में नहीं चढ़ सका. इस गड़बड़ी से कई देशों और क्षेत्रों के दल प्रभावित हुए. एक दल के सदस्य के अनुसार, चीन की जिम्नास्टिक टीम के 21 सदस्यों में से केवल दो ही वहां के सिस्टम में मिल पाए, जिससे पूरी टीम फंस गई.

थके-हारे एथलीट एयरपोर्ट टर्मिनल के ठीक बाहर आइची स्काई एक्सपो में घंटों इंतजार करते रहे. कई चीनी एथलीट्स ने इस खाली समय का इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए किया और वार्म-अप के लिए योग मैट बिछाए. चीनी दल के एक अधिकारी ने कहा, “किसी ने हमें निकलने का सही समय नहीं बताया. यहां तक ​​कि स्टाफ और वॉलंटियर्स के पास भी कोई साफ जवाब नहीं है.”

दोपहर भर इंतजार चलता रहा. कजाकिस्तान की शूटिंग टीम ने बिना किसी आधिकारिक जानकारी के दो घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार किया. एक वॉलंटियर ने कहा कि यह अव्यवस्था विभागों के बीच खराब तालमेल के कारण हुई लगती है.

वॉलंटियर ने कहा, “कामकाज के कई हिस्से आपस में जुड़े नहीं हैं. टीमें चाहें तो प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इंतजाम कर सकती हैं, लेकिन उन्हें इसका खर्च खुद उठाना होगा.”

आधिकारिक बसों के लिए कोई स्पष्ट समय न होने के कारण, चीन की बैडमिंटन टीम ने एयरपोर्ट की पब्लिक बसों से जाने की कोशिश की, लेकिन सभी के लिए टिकट नहीं मिल पाए. कुछ एथलीट अलग-अलग चले गए, जबकि बाकी वहीं रुके रहे.

बाकी बचे बैडमिंटन खिलाड़ियों की मदद नागोया में चीनी वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों ने की, जिन्होंने स्थानीय प्रवासी चीनी संपर्कों के जरिए चार्टर्ड गाड़ियों का इंतजाम किया. पूरी टीम आखिरकार शाम 4:30 बजे आइची स्काई एक्सपो से रवाना हुई.

चीन की अन्य टीमों को भी लंबी देरी का सामना करना पड़ा. टेबल टेनिस, वुशु और रोइंग टीमों के कुछ सदस्य शाम करीब 5 बजे आधिकारिक बसों में सवार हुए, जबकि जिम्नास्टिक्स टीम शाम 6 बजे तक नहीं निकली, यानी पहुंचने के लगभग छह घंटे बाद.

कुछ टीमों के लिए यह परेशानी और भी लंबी चली. स्थानीय समयानुसार शाम करीब 7 बजे, श्रीलंकाई टीम के एक अधिकारी ने बताया कि घर से निकलने के बाद से टीम का कुल यात्रा और इंतजार का समय 24 घंटे तक खिंच गया था.

पूरे दिन हालात काफी मुश्किल रहे. आयोजन स्थल पर केवल पीने के पानी की व्यवस्था थी, जबकि खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं था. इससे खिलाड़ियों और अधिकारियों को काफी परेशानी हुई. एक थके हुए खिलाड़ी ने कहा, “मैदान के बाहर की ये परेशानियां मुकाबलों से भी ज्यादा मुश्किल हैं.”

खेलों से पहले लॉजिस्टिक्स में आई इस गड़बड़ी ने मेजबान देश की इवेंट को सुचारू रूप से चलाने की क्षमता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

आरएसजी