
New Delhi, 28 सितंबर . सीपीआई-एम के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हाल के घटनाक्रम को लेकर Chief Minister भगवंत मान को पत्र लिखा है. उन्होंने विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों, खासकर केरल के विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए Chief Minister से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
ब्रिटास ने अपने पत्र में कहा कि एलपीयू में सामने आए घटनाक्रम से देशभर के छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में केरल के बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें हॉस्टल में रहने वाली कई छात्राएं भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा आरोपों और जवाबी आरोपों की सच्चाई चाहे जो भी हो, राज्य के अधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन की पहली जिम्मेदारी हर छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
ब्रिटास ने मांग की कि डर के माहौल में हॉस्टल में रह रहे छात्रों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए. साथ ही उन्हें जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और ऐसी भरोसेमंद व्यवस्था बनाई जाए, जिसके जरिए जरूरत पड़ने पर वे तत्काल मदद मांग सकें. उन्होंने कहा कि छात्रों के माता-पिता को भी उनके बच्चों की सुरक्षा और स्थिति के बारे में लगातार जानकारी दी जानी चाहिए.
सांसद ने इस बात पर भी चिंता जताई कि छात्रों की जायज मांगों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा, आगजनी या सार्वजनिक संपत्ति को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने की घटनाओं से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी मामले की जांच विश्वसनीय सबूतों के आधार पर होनी चाहिए और अपराध के लिए वास्तव में जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए.
ब्रिटास ने कहा कि केवल प्रदर्शन में मौजूद रहने या अपनी जायज मांगें उठाने के कारण किसी छात्र को मनमाने ढंग से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए. छात्रों को डराने, परेशान करने, सामूहिक रूप से दंडित करने या गैरकानूनी तरीके से निशाना बनाने जैसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. हिंसा की किसी खास घटना के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन इस दौरान छात्रों के मौलिक अधिकारों और सम्मान की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए.
ब्रिटास के मुताबिक, मौजूदा हालात से संयम के साथ निपटने की जरूरत है. हिंसा के मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरे छात्र समुदाय को संदेह की नजर से देखना या उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई करना सही नहीं होगा.
उन्होंने Chief Minister भगवंत मान से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और सभी हॉस्टलों तथा उनके आसपास व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है. उन्होंने मांग की कि जो छात्र अपने घर वापस जाना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से घर लौटने में मदद दी जाए. शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने या अपनी समस्याएं उठाने भर के कारण किसी छात्र के खिलाफ गैरकानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.
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एएमटी/
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