
New Delhi, 10 सितंबर . दिल्ली के उपGovernor तरनजीत सिंह संधू ने Thursday को ट्रैफिक Police की नई अपग्रेडेड वेबसाइट लॉन्च की. यह नया प्लेटफॉर्म पहले से ज्यादा इंटरैक्टिव, जानकारीपूर्ण और यूजर-फ्रेंडली है, जिसका फोकस आसान एक्सेस, नागरिक सुविधा और साइबर सुरक्षा पर है.
नई वेबसाइट को आम नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इसे मोबाइल फोन, टैबलेट और अन्य डिवाइस पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पूरी तरह से मोबाइल-फ्रेंडली है, ताकि लोग कहीं भी, कभी भी ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी और सेवाएं हासिल कर सकें.
इस अपग्रेड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब लोगों को अपनी टो (खींची) की गई गाड़ी को ढूंढने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. नागरिक वेबसाइट पर ही गाड़ी का नंबर डालकर पता कर सकते हैं कि उनकी गाड़ी कहां टो करके ले जाई गई है और उसे छुड़ाने की क्या प्रक्रिया है. इससे थानों और ट्रैफिक पिट्स के चक्कर काटने की परेशानी खत्म होगी.
इसके अलावा, वेबसाइट पर चालान से जुड़ी सभी जानकारी भी उपलब्ध होगी. कोई भी व्यक्ति गाड़ी का नंबर डालकर अपने ऊपर लगे चालान के बारे में जान सकता है और क्यूआर कोड के जरिए तुरंत उसका भुगतान भी कर सकता है.
नई वेबसाइट में कई और भी यूजर-फ्रेंडली फीचर्स जोड़े गए हैं. यूजर्स इसमें सबसे अच्छे रास्ते और सड़कों पर ट्रैफिक की भीड़ की लाइव स्थिति का पता लगा सकते हैं. एक इंटरैक्टिव लिंक भी दिया गया है, जहां सड़क पर लगे अलग-अलग ट्रैफिक साइन और मार्किंग का मतलब समझाया गया है, ताकि लोग नियमों को बेहतर तरीके से समझें और उनका पालन करें.
वेबसाइट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि दिल्ली ट्रैफिक Police की नई सेवाओं और नागरिक-केंद्रित पहलों को इसमें आसानी से जोड़ा जा सके. साथ ही इसे ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए इसमें बेहतर साइबर सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं.
इस अवसर पर उपGovernor ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ एक प्रशासनिक इंटरफेस बनकर न रह जाए, बल्कि सड़क सुरक्षा जागरूकता, नागरिक शिक्षा और सक्रिय भागीदारी के लिए एक इंटरैक्टिव हब बने. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सार्वजनिक सेवाओं को ज्यादा सुलभ, कुशल और नागरिकों की जरूरतों के हिसाब से बनाना समय की मांग है.
इस मौके पर दिल्ली के Police आयुक्त अनुराग कुमार, स्पेशल सीपी (ट्रैफिक) अजय चौधरी, जॉइंट सीपी (ट्रैफिक), एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) और डीसीपी मौजूद रहे.
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एससीएच/एबीएम
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