
New Delhi, 24 अक्टूबर . पतंजलि फूड्स लिमिटेड को Madhya Pradesh खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से बड़ा झटका लगा है. नियामक प्राधिकरण ने कंपनी को उसके गाय के घी (काउ घी) के एक विशेष बैच को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया है. कंपनी ने Saturday को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आधार पर की गई है.
कंपनी के अनुसार, Madhya Pradesh एफडीए द्वारा लिए गए नमूने की जांच में संबंधित बैच फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड प्रोडक्ट्स स्टैंडर्ड्स एंड फूड एडिटिव्स एंड कंटामिनेंट्स, टॉक्सिन्स एंड रेजिड्यूज) रेगुलेशंस, 2011 के तहत निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा. इसके बाद नियामक ने बुरहानपुर जिले में उस बैच को वापस मंगाने का आदेश जारी किया.
हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह Madhya Pradesh एफडीए के नामित अधिकारी द्वारा जारी आदेश के खिलाफ अपील दायर कर रही है. पतंजलि फूड्स का कहना है कि इस कार्रवाई का उसके वित्तीय या परिचालन कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और असर केवल संबंधित घी बैच के मूल्य तक ही सीमित रहेगा.
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि “वित्तीय और परिचालन गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं है, सिवाय उस विशेष बैच के काउ घी के मूल्य के.”
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, Friday को पतंजलि फूड्स का शेयर बीएसई पर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 351 रुपए पर बंद हुआ. पिछले 52 सप्ताह में इस शेयर ने 613.95 रुपए का उच्चतम और 328.05 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ है. बीते एक वर्ष में कंपनी के शेयर में लगभग 41 प्रतिशत और पिछले तीन वर्षों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि पांच वर्षों की अवधि में यह शेयर लगभग 5 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न देने में सफल रहा है.
यह पहला अवसर नहीं है जब कंपनी किसी खाद्य सुरक्षा विवाद में घिरी हो. इससे पहले जून में पतंजलि फूड्स के शेयरों में लगातार पांच दिनों तक गिरावट आई थी, जब कंपनी के ज्वार आटे के एक बैच को लेकर विवाद सामने आया था. उस समय केरल के कन्नूर जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कीटनाशक अवशेष निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने पर उस विशेष बैच की बिक्री पर रोक लगा दी थी.
कंपनी ने तब भी नियामकीय फाइलिंग में बताया था कि उसे कन्नूर जिला खाद्य सुरक्षा कार्यालय से ज्वार आटे के एक विशेष बैच पर प्रतिबंध संबंधी आदेश प्राप्त हुआ था. अब गाय के घी से जुड़ा यह नया मामला कंपनी के लिए एक और नियामकीय चुनौती के रूप में सामने आया है.
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डीबीपी
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