एमएलसी चुनाव से पहले फिर आमने-सामने आए अनंत सिंह और नीरज कुमार, पुरानी मोकामा प्रतिद्वंद्विता लौटी

Patna, 19 सितंबर . Patna स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव से पहले मोकामा के विधायक अनंत सिंह और जनता दल (यू) के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार के बीच वर्षों पुरानी Political प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चला आ रहा Political और व्यक्तिगत विवाद चुनावी माहौल में फिर चर्चा का विषय बन गया है.

Saturday को अनंत सिंह ने नीरज कुमार को सार्वजनिक रूप से आमने-सामने बहस की चुनौती दी. उन्होंने विवादित मुद्दों पर खुली चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए यहां तक कहा कि वह 20 करोड़ रुपये की शर्त लगाने को भी तैयार हैं. अनंत सिंह ने नीरज कुमार से Patna के एक हनुमान मंदिर के पास आमने-सामने बैठकर बहस करने की अपील की.

अनंत सिंह ने कहा, “आइए आमने-सामने बैठकर बहस करते हैं और सारे हिसाब बराबर कर लेते हैं.”

दोनों नेताओं के बीच टकराव की शुरुआत 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव से मानी जाती है. उस समय अनंत सिंह मोकामा की राजनीति में प्रभावशाली नेता थे, लेकिन जून 2015 में हत्या के एक मामले में उनकी गिरफ्तारी हो गई थी. इसके बाद जदयू ने मोकामा सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया.

चुनाव में नीरज कुमार जदयू के टिकट पर मैदान में उतरे, जबकि अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े. अनंत सिंह ने 18,348 वोटों से जीत दर्ज की. चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी. नीरज कुमार ने अनंत सिंह के Political रिकॉर्ड और आपराधिक मामलों को मुद्दा बनाया, जबकि अनंत सिंह समर्थकों ने नीरज कुमार को अपना प्रमुख Political प्रतिद्वंद्वी बताया.

2019 में दोनों के बीच विवाद उस समय और बढ़ गया, जब बिहार के बाढ़ अनुमंडल स्थित अनंत सिंह के पैतृक घर पर Police ने छापेमारी की. जांच एजेंसियों ने वहां से एक एके-47 राइफल, गोला-बारूद और हैंड ग्रेनेड बरामद करने का दावा किया था. इसके बाद अनंत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और उन्होंने बाद में दिल्ली की अदालत में आत्मसमर्पण किया.

अनंत सिंह लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया. अब उन्होंने फिर आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान बरामद हथियार रखने में नीरज कुमार की भूमिका थी. हालांकि, इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई है. नीरज कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिसके पास कोई सबूत है, वह अदालत में पेश करे.

हथियार मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली और विशेष अदालत ने अनंत सिंह को दोषी ठहराया, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई. बाद में उन्होंने Patna हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी. अगस्त 2024 में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वह जेल से रिहा हुए. यह मामला मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि जरूर है, लेकिन हालिया आरोपों से अलग न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है.

दोनों नेताओं के बीच वर्षों से व्यक्तिगत स्तर पर भी तीखी टिप्पणियां होती रही हैं. मौजूदा विवाद के दौरान Political हलकों में यह भी चर्चा रही कि नीरज कुमार ने अनंत सिंह के लिए “पुदीना सिंह” जैसे उपनाम का इस्तेमाल किया था.

Political मतभेदों के बावजूद अनंत सिंह बाद में जदयू में वापस लौट आए और मोकामा की राजनीति में सक्रिय रहे. हालांकि, इससे नीरज कुमार के साथ उनके संबंध सामान्य नहीं हो सके.

अब जब Patna स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव की तैयारी चल रही है, अनंत सिंह ने साफ कर दिया है कि वह नीरज कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं करेंगे. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है. साथ ही कहा कि उनका विरोध नीरज कुमार से व्यक्तिगत है, जदयू से नहीं.

चुनावी सरगर्मी के बीच अनंत सिंह ने एक बार फिर नीरज कुमार का नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि इससे सच्चाई सामने आएगी. वहीं, नीरज कुमार ने दोहराया कि अगर किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे अदालत में पेश करना चाहिए.

Patna स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच यह ताजा टकराव बिहार की राजनीति में एक बार फिर मोकामा की पुरानी प्रतिद्वंद्विता को चर्चा के केंद्र में ले आया है.

डीएससी