
चंडीगढ़, 2 सितंबर . Haryana Government ने Wednesday को कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत-Prime Minister जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं.
Government ने आगे कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा योजना के तहत सेवाएं निलंबित करने के आह्वान के बावजूद राज्य में पात्र लाभार्थियों को उपचार प्राप्त करने में कोई बड़ी कठिनाई नहीं हुई.
राज्य Government ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्थिति पर लगातार नजर रखी.
जिला स्तरीय अधिकारियों, जिला कार्यान्वयन प्रबंधकों और सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा गया.
सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को आयुष्मान India योजना के तहत पात्र मरीजों को प्राथमिकता देते हुए उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रखने का निर्देश दिया गया.
अस्पतालों को यह भी निर्देश दिया गया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि योजना के तहत उपचार प्राप्त करने में किसी भी पात्र लाभार्थी को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े.
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, 31 अगस्त की रात को योजना बंद होने के बाद से आयुष्मान India योजना के तहत किसी भी पात्र मरीज को उपचार से वंचित किए जाने या स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.
अस्पतालों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं और इस अवधि के दौरान प्रस्तुत दावों की संख्या से यह स्पष्ट होता है कि लाभार्थियों को योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहीं.
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने आयुष्मान India योजना के तहत अस्पतालों को 12,000 करोड़ रुपए के बकाया के संबंध में कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है.
एजेंसी ने कहा कि ऐसी जानकारी लाभार्थियों और आम जनता के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा करती है.
योजना के तहत भुगतान और दावों की वास्तविक स्थिति की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है.
प्राधिकरण ने जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट रिपोर्टों या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें और केवल सटीक और आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें.
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाभार्थी शिकायत करता है कि किसी सूचीबद्ध अस्पताल ने 31 अगस्त या 1 सितंबर को आयुष्मान India योजना के तहत उपचार प्रदान करने से इनकार कर दिया है, तो मामले की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी.
यह अस्पतालों से प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं की समीक्षा करेगा.
यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि किसी अस्पताल ने योजना के तहत किसी पात्र लाभार्थी को उपचार देने से इनकार किया है या जानबूझकर उपचार में बाधा डाली है, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने आयुष्मान भारत-Prime Minister जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र परिवारों को आश्वस्त किया है कि वे राज्य भर के सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना इलाज जारी रख सकते हैं.
लाभार्थियों से आग्रह किया गया है कि वे अफवाहों, अपुष्ट सूचनाओं या भ्रामक रिपोर्टों से प्रभावित न हों.
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एमएस/
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