एपी तटबंध का हाल जानने को कुशीनगर में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सीएम योगी

कुशीनगर, 29 सितंबर . नेपाल से अधिक पानी आने के चलते कुशीनगर जिले में Monday देर रात जवहीं दयाल (चैनपट्टी) के ततवा टोला के पास नारायणी नदी के एपी तटबंध का कुछ हिस्सा टूटने के बाद स्थिति का निरीक्षण करने और पानी से घिरे गांवों के प्रभावितों की मदद के लिए Tuesday को Chief Minister योगी आदित्यनाथ ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए. Chief Minister ने इस दौरान बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, लंच पैकेट और राहत सामग्री का वितरण किया और सबको आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में Government उनके साथ मुस्तैदी से खड़ी है.

इसके साथ ही सीएम योगी ने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाए, ताकि तटबंध और इसके आसपास के गांव सुरक्षित रहें. Monday रात तटबंध टूटने की जानकारी होने के बाद से ही सीएम योगी, हालात पर नजर बनाए रखने के साथ ही अधिकारियों को दिशानिर्देश देते रहे. Tuesday को गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा समाप्त होते ही खुद भी मौके पर आ गए.

उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर तटबंध और इसके कुछ हिस्से के टूटने से प्रभावित हुए क्षेत्रों का जायजा लिया. तटबंध के गांवों में जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की. ऊंचे स्थानों पर शरण लिए ग्रामीणों के बीच जाकर उन्होंने लंच पैकेट और बच्चों को चॉकलेट वितरित किए. इसके बाद वह सेवरही क्षेत्र के इंटर कॉलेज बेदुपार पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों का दुख दर्द साझा करते हुए राहत सामग्री का वितरण किया. Chief Minister ने उन्हें आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में Government उनके साथ हैं.

राहत सामग्री का वितरण करने के दौरान Chief Minister ने कहा कि चार दिनों तक मूसलाधार बारिश के बाद प्रदेश और देश के विभिन्न क्षेत्रों में त्रासदी का सामना करना पड़ा है. जैसे-तैसे चार दिन व्यतीत हुए लेकिन नेपाल में अतिवृष्टि होने से भारी पैमाने पर जल नीचे आ गया. सामान्य दिनों में तीन से चार लाख क्यूसेक पानी नारायणी में आता है लेकिन कल अचानक यह साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आ गया. इसके कारण एपी तटबंध से सटे कई गांवों में पानी आ गया. Chief Minister ने कहा कि इसकी जानकारी होते ही तत्काल ही बचाव और राहत कार्य बड़े पैमाने पर शुरू कर दिए गए. यहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमों के साथ ही पीएसी की फ्लड यूनिट को भी लगाया गया है. प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी कल से ही राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं.

प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी रात में ही यहां आ गए. इसके साथ ही सांसद देवरिया शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद कुशीनगर विजय दूबे, विधायक डॉ. असीम कुमार और सुरेंद्र कुशवाहा भी लगातार सहयोग करने में जुटे हुए हैं. सीएम योगी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में Government सभी पीड़ितों के साथ है. उन्होंने कहा कि पीड़ितों के लिए 5000 पैकेट राहत सामग्री की व्यवस्था कर दी गई है. इस राहत सामग्री में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, आलू, लाई, चना, तेल, मसाला, नमक, बाल्टी सहित कुल 35 आइटम हैं, जिनका वजन 50 किलो है.

उन्होंने कहा कि Government ने यह तय किया है कि भरपूर सहायता देने के साथ ही जनहानि पर तत्काल चार लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. जिनके मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें Prime Minister आवास योजना या Chief Minister आवास योजना के तहत तत्काल एक नया आवास उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है. जिनके क्षतिग्रस्त मकान मरम्मत योग्य हैं, उन्हें भी मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी. Chief Minister ने कहा कि 15-16 गांवों में बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, सब्जी जैसी फसलों के नुकसान होने की आशंका है. इसे लेकर प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि सर्वे कराकर 10 दिनों में मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाए. बाढ़ के चलते जो सड़कें खराब हैं उनके भी मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर एपी तटबंध को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए गए हैं ताकि यह फिर से न टूटने पाए. Chief Minister ने कहा कि जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को क्षेत्र में अगले 5-6 दिनों तक लगातार मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि सभी पीएससी, सीएससी में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन देने की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए.

Chief Minister ने कहा कि हर व्यक्ति की जान हमारे लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि जलशक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेसिंग कर उसे चैनेलाइज किया जाए. इससे नदी अपनी राह खुद बना लेगी और यह क्षेत्र सुरक्षित हो जाएगा.

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विकेटी/डीकेपी