एनसीपी के दोनों गुटों के भाजपा में विलय की चर्चा पर नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

New Delhi, 7 नवंबर . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर Maharashtra से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश तक Political बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी इंडी गठबंधन पर निशाना साधा है.

भाजपा नेता मनमीत सिंह ने से बात करते हुए कहा कि अजित पवार का छह महीने पहले निधन हो गया था, अन्यथा यह विलय पहले ही हो गया होता. अजित पवार लंबे समय से भाजपा के साथ जुड़े हुए थे. शरद पवार ने भाजपा में शामिल होने और अपनी पार्टी का विलय करने को लेकर बातचीत की है.

उन्होंने कहा कि Maharashtra में भाजपा Government जिस तरह विकास कार्य कर रही है, उसे देखते हुए शरद पवार भी साथ आने पर विचार कर सकते हैं. यदि दोनों पक्ष साथ मिलकर काम करते हैं, तो एनसीपी के कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं और राज्य में विकास की गति तेज होगी.

भाजपा विधायक राम कदम ने इस मुद्दे पर संतुलित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता पहले शरद पवार के साथ थे. उस समय एनसीपी एक ही पार्टी थी, लेकिन बाद में कुछ नेता अलग हो गए. उन्होंने कहा कि अब कौन-सी पार्टी किसके साथ जाना चाहती है, यह उनका आंतरिक फैसला है. भाजपा इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती.

भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की चर्चाओं को लेकर इंडी गठबंधन पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि आज कोई भी इंडी गठबंधन में रहना नहीं चाहता. गठबंधन में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. नीतियों और नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीति परिवार के सदस्यों को बचाने और Political अवसर तलाशने तक सीमित है.

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अब एनसीपी के दोनों गुटों को समझ में आ गया है कि अकेले भाजपा से मुकाबला करना मुश्किल है. ऐसे में यदि आपसी बातचीत के बाद दोनों गुट एक होने का फैसला करते हैं, तो यह उनके लिए अच्छी बात है.

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एएस