
New Delhi, 21 सितंबर . New Delhi नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की काउंसिल बैठक में जनसुविधाओं और कर्मचारी कल्याण से जुड़े करीब 28 एजेंडों को मंजूरी दी गई.
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत छूट, डार्क स्पॉट्स पर नई स्मार्ट लाइट्स लगाने, पानी के बकाया बिलों के लिए वन टाइम एमनेस्टी स्कीम, सरोजिनी नगर में 50 बेड का आयुष अस्पताल और मोती बाग में पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र विकसित करने समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर स्वीकृति दी गई.
कुलजीत चहल ने कहा कि Prime Minister के ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित New Delhi’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए काउंसिल की बैठक में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पार्किंग, सीवरेज, कर्मचारियों के रिक्रूटमेंट रूल्स और स्मार्ट सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिए गए. एनडीएमसी क्षेत्र में चिह्नित डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के लिए लगभग 18.5 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके तहत 6 से 11 मीटर ऊंचाई वाले नए इलेक्ट्रिकल पोल लगाए जाएंगे और उन्हें एलईडी एवं स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि नए विकसित क्षेत्रों के साथ ही पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाओं के कारण जिन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं पहुंच रही है, उन स्थानों को भी इस योजना के तहत कवर किया जाएगा.
एनडीएमसी की पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने की योजना लागू हो चुकी है. चहल ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है.
इसके साथ ही एनडीएमसी ने स्मार्ट पार्किंग और इंटेलिजेंट इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम की दिशा में भी कदम बढ़ाया है. नए पार्किंग टेंडर की आरएफपी को मंजूरी दे दी गई है. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लोगों को विभिन्न पार्किंग स्थलों में उपलब्ध जगह सहित पार्किंग से जुड़ी अन्य जानकारियां मिल सकेंगी.
काउंसिल ने पानी के बकाया बिलों को लेकर भी राहत देने का फैसला किया है. घरेलू उपभोक्ताओं और धोबी घाटों के लिए वन टाइम एमनेस्टी स्कीम लाई गई है. इसके तहत बकायादारों पर लगे लेट पेमेंट सरचार्ज को एकमुश्त योजना के अंतर्गत समाप्त करने का प्रावधान किया गया है. धोबी घाट संचालकों को भी राहत देने का निर्णय लिया गया है. पारंपरिक रूप से काम करने वाले धोबी घाटों पर कमर्शियल दरों की जगह रेजिडेंशियल या डोमेस्टिक दरों के अनुसार शुल्क लेने का फैसला किया गया है.
काउंसिल की बैठक में सरोजिनी नगर में प्रस्तावित 50 बेड के आयुष अस्पताल को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. चहल के मुताबिक, इस अस्पताल को India Government के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा एनडीएमसी द्वारा मिलकर विकसित किया जाएगा. अस्पताल के निर्माण पर करीब 55 करोड़ रुपए खर्च होने का प्रस्ताव है. एनडीएमसी का कहना है कि अस्पताल को आयुष और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने वाले विशिष्ट चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है.
मोती बाग में नवनिर्मित भवन में ‘पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र’ स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. इस केंद्र में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट ( ) आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
एनडीएमसी टेंडर और आरएफपी प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसी का चयन करेगी. चयनित एजेंसी के सहयोग से परीक्षा केंद्र को विकसित और संचालित करने की योजना है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर परीक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
बैठक में आगामी दिनों में वाटर लॉगिंग की समस्या को रोकने के लिए विस्तृत योजना पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा पुराने सीवर सिस्टम के सुधार और पुनर्वास के लिए सीवर रिहैबिलिटेशन से जुड़े दो बड़े एजेंडों को स्वीकृति दी गई.
एनडीएमसी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी काउंसिल ने चर्चा की. कर्मचारियों के रिक्रूटमेंट रूल्स, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य लाभों से संबंधित कई प्रस्ताव बैठक के एजेंडे में शामिल रहे.
बैठक में Prime Minister के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के ‘सेवा से संकल्प’ से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इसके साथ नई संसद, सेवातीर्थ और कर्तव्य पथ जैसे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया गया.
काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता प्रवेश सिंह वर्मा ने की. बैठक में सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी चेयरमैन मनोज द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत चहल, परिषद के अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे.
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एएमटी/एबीएम
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