एनटीए में परीक्षा सुधारों और पारदर्शी प्रक्रिया पर सुझाव देने का अंतिम अवसर

New Delhi, 13 सितंबर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए केंद्र Government ने सुझाव मांगे थे. आज यानी Sunday को ये सुझाव भेजने की अंतिम तारीख है. नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से ये सुझाव मांगे गए हैं. इसके साथ ही विशेषज्ञ व सामान्य नागरिक को अपने विचार साझा कर सकते हैं.

गौरतलब है कि बीते दिनों नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई थी. इनमें 2 डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर शामिल थे. इसके साथ ही Government की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों समेत आम लोगों से सुझाव मांगे गए थे. Government की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने सुझाव व्हाट्सऐप, वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के जरिए भेज सकते हैं.

सुझाव अंग्रेजी, हिंदी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में दिए जा सकते हैं. Government ने सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 13 सितंबर तय की है. लोगों को परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने से जुड़े अपने विचार साझा करने के लिए कहा गया है. दरअसल एनटीए पिछले कुछ समय से देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर सवालों के घेरे में रहा है. खास तौर पर नीट-यूजी में पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे.

ऐसे में एनटीए में वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियों को परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. वहीं परीक्षाओं में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय कार्यबल छात्रों ने अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने की अपील की है. उच्चस्तरीय कार्यबल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा ली जाने वाली परीक्षाओं में सुधार के लिए देशभर से आए सुझावों पर काम करेगा.

एनटीए का भी कहना है कि हर व्यक्ति का विचार व सुझाव महत्वपूर्ण है. यही कारण है कि लोगों से विचार साझा करने की अपील की गई है. एनटीए में नई नियुक्तियों और परीक्षा सुधारों पर जनता से सुझाव लेने का उद्देश्य परीक्षा संचालन की व्यवस्था में खामियों को दूर करना और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है.

जीसीबी/पीएम