एनएसए अजीत डोभाल का वियतनाम दौरा, दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 55वीं वर्षगांठ को खास बनाने पर हुई चर्चा

हनोई, 2 नवंबर . राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने अपने आधिकारिक यात्रा के दौरान वियतनाम की राजधानी हनोई में वियतनाम के विदेश मंत्री तथा कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य ले होआई ट्रुंग के साथ बैठक की. इस दौरान दोनों देशों के बीच 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 साल पूरे होने के अवसर को खास तरीके से मनाने के उपायों पर चर्चा हुई.

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर ल‍िखा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने वियतनाम के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य ले होआई ट्रुंग से मुलाकात की. वर्ष 2027 में India और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होंगे.”

दूतावास ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-वियतनाम की ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ की भावना के अनुरूप इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के विभिन्न तरीकों पर विचार-विमर्श किया.

मई में वियतनाम के President तोलाम की India यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को बढ़ाकर ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया था. इससे पहले दिन में एनएसए डोभाल ने वियतनाम के जन सुरक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ भी बैठक की. बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई और मौजूदा बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने पर सहमति बनी.

भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पोस्‍ट पर ल‍िखा, “India और वियतनाम के बीच सुरक्षा सहयोग दोनों देशों की गहरी, भरोसेमंद और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दर्शाता है.”

दोनों पक्षों ने सुरक्षा सहयोग के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. एनएसए डोभाल ने वियतनाम के उप Prime Minister और रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग से भी मुलाकात की.

भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की स्थिति की समीक्षा की गई और रक्षा क्षेत्र में सहयोग की गतिविधियों को और मजबूत करने पर सहमति बनी.

अजीत डोभाल Sunday को आधिकारिक यात्रा पर हनोई पहुंचे थे. इस दौरे के दौरान वह वियतनाम के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं. यह यात्रा भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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एवाई/डीकेपी