
New Delhi, 15 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के शोपियां में एचडीएफसी बैंक में सामने आए वित्तीय गड़बड़ी के मामले में जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को बड़ी राहत दिलाई है. ईओडब्ल्यू की समयबद्ध जांच के बाद एचडीएफसी बैंक प्रबंधन ने धोखाधड़ी से प्रभावित 13 जमाकर्ताओं की करीब 4.50 करोड़ रुपये की राशि वापस लौटा दी है.
यह पूरा मामला First Information Report नंबर 30/2025 से जुड़ा है. शोपियां एचडीएफसी बैंक में जमाकर्ताओं के पैसों में हेराफेरी और वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद Police ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर Police मुख्यालय ने इसकी विस्तृत जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू विंग को सौंपा था.
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए जांच शुरू की. जांच में यह सामने आया कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी थी, जिसमें बैंक के अंदर के लोगों की मिलीभगत थी. जांच एजेंसी ने पांच मुख्य आरोपियों की पहचान की, जिनमें शोपियां और पुलवामा जिले में तैनात एचडीएफसी बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक और कर्मचारी शामिल हैं. आरोपियों पर जमाकर्ताओं के खातों से छेड़छाड़ कर पैसे निकालने और फर्जी तरीके से लेनदेन करने का आरोप है.
तकनीकी साक्ष्यों, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल ट्रेल के आधार पर ईओडब्ल्यू ने 18 फरवरी, 2026 को सभी पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
गहन जांच और सबूतों के संकलन के बाद, ईओडब्ल्यू कश्मीर ने मई 2026 में शोपियां के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी. चार्जशीट में बैंकिंग धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट से जुड़े मजबूत साक्ष्य पेश किए गए हैं. फिलहाल सक्षम अदालत में इस मामले में आपराधिक कार्यवाही जारी है.
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई हो.
–
पीआईएम/पीएम
Skip to content